कटनी( 12 जुलाई )- प्रसव के रेफरल प्रकरणों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर अवि प्रसाद के संज्ञान में स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही का मामला सामने आने पर कलेक्टर ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए साथ ही 8 एएनएम, 4 सीएचओ सहित एक नर्सिंग ऑफीसर एवं एक चिकित्सा अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
जिले की स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं और गुणवत्ता में सुधार हेतु कलेक्टर श्री प्रसाद द्वारा निरंतर की जा रही समीक्षा बैठकों के दौरान चिकित्सक और एएनएम द्वारा बरती जा रही लापरवाही स्पष्ट होने पर कलेक्टर श्री प्रसाद ने सीएमएचओ को निर्देशित किया कि संबंधितों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए।
नही की नियमानुसार जांचें
कलेक्टर श्री प्रसाद ने प्रसव के रेफरल प्रकरण की समीक्षा के दौरान पाया कि निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुरूप गर्भवती महिलाओं की एएनसी के दौरान चार जांच होनी चाहिए। इस मामले में हीलाहवाली बरतना कर्तव्यों के प्रति उदासीनता का द्योतक है। साथ ही बेवजह रूप से प्रसव के प्रकरण को रेफर करना भी जिम्मेदारी से बचने जैसा है।
इन्हें मिला नोटिस
कलेक्टर श्री प्रसाद के निर्देश के बाद सीएमएचओ द्वारा उप-स्वास्थ्य केंद्र झिन्ना पिपरिया की एएनएम यशोदा द्विवेदी, उप स्वास्थ्य केंद्र जोबीकला की एएनएम संगीता गौटिया, उप स्वास्थ्य केंद्र खिरहनी की एएनएम पूजा विश्वकर्मा एवं सी.एच.ओ अन्नो रैदास, उपस्वास्थ्य केन्द्र बुजबुजा की एएनएम पूजा सिंह एवं सीएचओ निशा चौधरी, सी.एच.सी बरही के चिकित्सा अधिकारी डॉ योगेश पटेल द्वारा ए.एनसी के दौरान गर्भवती महिलाओं की एक भी जांचे नहीं की गई थी। वहीं उपस्वास्थ्य केन्द्र पड़रवारा की ए.एन.एम विजयलक्ष्मी धुर्वे एवं सी.एच.ओ प्रियंका चौधरी द्वारा गर्भवती महिलाओं की एएनसी के दौरान मात्र एक ही जांच की गई थी।
जबकि उपस्वास्थ्य केन्द्र कौडिया की ए.एन.एम सरिता शर्मा एवं शशि ठाकुर, उपस्वास्थ्य केन्द्र जुहला की एएनएम भगवती पटेल एवं सीएचओ गीता पटेल एवं पीएचसी ढीमरखेडा की नर्सिंग आफिसर प्रगति हरदहा द्वारा गर्भवती महिलाओं को जिला चिकित्सालय प्रसव हेतु रिफर किया जाना सही नहीं पाया गया। इस तरह उपरोक्त स्वास्थ्य कर्मचारियों के कृत्य को कर्तव्यों के प्रति उदासीनता करनें पर जाने पर संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब कर 2 दिन के भीतर जवाब मांगा गया है।


