कटनी। कलेक्टर अवि प्रसाद द्वारा समय-सीमा की बैठक में अधिकारियों को संवेदनशील और जवाबदेह बनने की दी गई दो टूक हिदायत और भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने के दिए गए सख्त निर्देश के तत्काल बाद कूटरचित, भ्रामक सेजरा और त्रुटि पूर्ण जांच प्रतिवेदन पेश करने वाले देवरी मझगवां के पटवारी रामलाल गोटिया और आवेदक राजेश कोल के विरुद्ध कैमोर पुलिस थाना में एफ आई आर दर्ज करा दी गई है।
पटवारी रामलाल गोटिया के कृत्य और कारनामों का मामला कलेक्टर अवि प्रसाद के संज्ञान में आते ही उन्होंने एसडीएम विजयराघवगढ़ को पटवारी को निलंबित करने के निर्देश दिए थे। कलेक्टर श्री प्रसाद के निर्देश के तत्काल बाद एसडीएम विजयरावगढ़ ने पटवारी रामलाल गोटिया को निलंबित कर दिया था। इसके बाद समय -सीमा बैठक में कलेक्टर श्री प्रसाद द्वारा भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस के दिए गये सख्त निर्देश के बाद अब तहसीलदार नेहा जैन ने पटवारी देवरी मझगवां रामलाल गोटिया और आवेदक राजेश कोल के विरुद्ध पुलिस थाना कैमोर में बीते सोमवार की दोपहर विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज करा दी है ।पटवारी रामलाल गोटिया और आवेदक राजेश कोल के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 420 ,467,468, 471, 120बी और धारा 34 के तहत एफ आई आर दर्ज की गई है।
पटवारी रामलाल गोटिया और राजेश कोल पर कई गंभीर आरोप हैं। जिनमें जीवित व्यक्ति को मृत घोषित कर भूमि में वारसान के बजाय अन्य लोगों का नाम दर्ज करने ,भूमि को खुर्द-बुर्द करने ,फौती नामांतरण हेतु भ्रामक दस्तावेज प्रस्तुत करने सहित न्यायालय को गलत तथा भ्रामक प्रतिवेदन प्रस्तुत करना शामिल है। जिससे न्यायालय की छवि धूमिल हुई है।
*यह है मामला*
प्रकरण के संबंध में आवेदक खेरमाई मंदिर कटनी निवासी राजेश कोल ने आवेदन दिया था कि उनकी भूमि खसरा नंबर 50 रकबा 0.55 हेक्टेयर भूमि से मृतक सह खातेदार रामकरण कोल एवं रतिया बाई कोल का स्वर्गवास होने पर उनका नाम विलोपित कर उनके विधिक वारसान मुन्ना कोल, राजेश कोल, जुगनू कोल और राजा कोल के नाम पर फौती नामांतरण किए जाने का निवेदन किया गया था। जबकि रतिया बाई कोल जीवित है ,इसके बाद भी राजेश कोल ने फौती नामांतरण हेतु आवेदन दिया भ्रामक और कूटरचित दस्तावेज प्रस्तुत किया। पटवारी की मिली भगत से आवेदक राजेश कोल ने शपथ पत्र, आवेदन और मृत्यु प्रमाणपत्र की सत्यापित प्रति तथा ग्राम पंचायत गुडौहाकला सरपंच द्वारा प्रमाणित प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर उल्लेखित खसरा में स्वर्गीय रामकरण कोल एवं स्वर्गीय रतिया बाई का नाम विलोपित करने का आग्रह किया था,
और न्यायालय को गुमराह किया। इन्हीं मामलों में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।


