रिपोर्टर सीमा कैथवास
इटारसी। इटारसी के समीप केसला मुख्य बाजार में स्थापित प्राचीन बजरंग मंदिर को फोरलाइन के विस्तार के लिये नये स्थान पर नया मंदिर बनाकर प्रतिमा की पुनः स्थापना होना था। मंदिर समिति और ग्रामवासीयों को विश्वास में लेने के लिये स्थानीय NHAI के अधिकारी जो मंदिर की ड्राइंग दी थी , उसके अनुरूप निर्माण काम न होते देख अनेकों बार स्थानीय तथा जिला प्रशासन को लिखित शिकायतें की गई थी किन्तु कोई भी परिणाम जब सामने नही आया तो मंदिर समिति ने विश्व हिन्दू परिषद एवं बजरंग दल से सहयोग माँगा संगठन के द्वारा NHAI सर्वोच्च अधिकारी तथा स्थानीय कलेक्टर और एसडीएम से भी नये मंदिर निर्माण की गुणवत्ता की जांच का आग्रह किया। परिणाम स्वरूप मंदिर समिति के 16 सदस्यों के ऊपर NHAI की तथाकथित शिकायत पर स्थानीय प्रशासन के कुटिल सहयोग से केसला थाना द्वारा धारा 107,116 का परिवाद केसला तहसीलदार के न्यायालय में पेश किया गया है। मंदिर समिति द्वारा बजरंग मंदिर में विगत दिनों एक पत्रकार वार्ता का आयोजन किया गया था जिसमें समिति और विहिप बजरंग दल के प्रमुखों द्वारा स्पष्ट किया गया था कि हम विकास में बाधक नही और न ही मंदिर को नये स्थान पर स्थापित करने का हम विरोध कर रहे है,हम सभी की धर्म हित में मांग की NHAI के स्थानीय अधिकारीयों के मार्गदर्शन में जो नया मंदिर बनाया जा रहा है, वो इंजीनियर द्वारा स्वीकृत ड्राइंग के अनुरुप नही है, मंदिर की गुणवत्ता में आर्थिक लाभ प्राप्त करने हेतु कमी की गई है। NHAI के दबाब में प्रशासन अगर बजरंग दादा की प्राचीन प्रतिमा नये स्थान पर स्थापित करना चाहता है,तो वो स्वतंत्र है,हम किसी भी प्रकार का सहयोग नही करेंगे। किन्तु नये मंदिर के निर्माण में जो भ्रष्टाचार हुआ है,हम उसकी जांच करवा कर दोषीयों को अवश्य दंडित करवायेगे। मंदिर समिति के सचिव अश्वनी व्यास तथा विहिप प्रांत सह मंत्री गोपाल सोनी, जिला मंत्री प्रभात तिवारी ने संयुक्त रूप से बताया कि उपरोक्त उद्देश्यों को पूरा करने के लिये हमने श्री हनुमान महाराज के निर्देश पर मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय जबलपुर याचिका प्रस्तुत की गई है। जिसे माननीय न्यायालय ने स्वीकार करते हुये संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किये गये है।


