जातिवाद को बढ़ावा ब जातिगत टिप्पढ़ी होने को लेकर पूरा वंशकार समाज अक्रोशित होकर सैकड़ों की संख्या मैं महिलाओं सहित कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर महामहिम राष्ट्रपति के नाम वंशकार जनजागृति समाज के बैनर तले कलेक्टर महोदय ज्ञापन सोपा,,।
ओटीटी प्लेटफॉर्म पर 19 मई को प्रसारित हुई फिल्म कटहल के विरोध सड़कों पर उतरे, बंशकार जनजागृति समाज.,बांस शिल्पकार युवा शक्ति संगठन भोपाल, (बी.डी. बंशकार. प्रदेश उपाध्यक्ष) अजाक्स – (अध्यक्ष- श्री सोहन लाल चौधरी) OBC महासंघ- (अध्यक्ष बी. के. पटेल), भीम आर्मी (अध्यक्ष- चन्द्रमान बौद्ध), जी. एस.पू.गोंडवाना (दरियाव सिंह), जन संचार क्रांति मोर्चा (शिव बहादुर) कटनी-संगठित होकर जातिवाद को बढ़ावा देने एवं जातिगत सूचक शब्दों का प्रयोग करने वाली कटहल जैसी फिल्मों के विरोध में जमकर नारेबाजी की गई ।
जिसमे जिला,कटनी,पन्ना,सतना, क्षेत्र विजयराघवगढ़,देवरा,सलैया,केमोरी , रीठी,झिझरी,शाहनगर,अमानगंज, जुकेही,टिकरवारा,आदि जगहों के लोगो ने फिल्म कटहल में बसोर जाति को, निर्माता – निर्देशक,लेखक द्वारा उपयोग किये गये अपमान जनक शब्दों को हटवाने एवम जातिगत शब्दों से अपमानित करने पर एससी एसटी एक्ट का मामला दर्ज करने की मांग की गई।
ज्ञापन मैं बताया गया कि
सोशल मीडिया से ज्ञात हुआ है कि ओ.टी. टी. प्लेटफार्म (नेटफिलिक्स) पर दिनांक 19.05.2023 को प्रसारित हुई फिल्म “कटहल मैं कलाकरों द्वारा अपने-अपने डॉयलाग (वाक्यों में) बसोर जाति को स्पष्ट रूप 1 घंटा 55 मिनट की पूरी फिल्म मैं कई बार जातिगत अपमान जनक गाली एवं अन्य अपमान जनक शब्दों का प्रयोग किया गया है ।साथ ही फिल्म मैं इंस्पेक्टर का रोल निभा रही महिला, महिमा बसोर को सिर्फ बसोर व बसोरन ही कहा गया एवम जातिवाद छुआछूत को बढ़ावा देने वाले दृश्य भी फिल्माए गए है । जिससे सम्पूर्ण भारतवर्ष में निवाश्रित बसोर समाज को छुआछूत एवं जातिगत अपमानित होना महसूस हो रहा है । साथ ही पूरे भारत मैं बसोर समाज को जातिवाद छुआछूत का सामना करना पड़ रहा है।
क्योंकि अधिकतर मायानगरी से प्रसारित हुई फिल्में लोगों को मनोरंजन एवम एक अच्छा संदेश देती हैं । परंतु यहां एक महिला स्पेक्टर के साथ छुआछूत तथा जातिगत अपमानित करने जैसे का संदेश दे रही है । जबकि भारत सरकार महिला नारी शक्ति को बढ़ावा व प्रोत्साहन देती है । उसके बावजूद भी मायानगरी से कटहल जैसी फ़िल्में ओटीटी प्लेटफार्म पर प्रसारित की गई
जिसे तत्कालीन फिल्म से अपमानजनक दृश्य और डायलॉग को को हटाया जाए साथ ही निर्माता – निर्देशक, लेखक और अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करने वाले किरदारों के विरुद्ध अनुसूचित जाति जनजाति अधिनियम निवारण एक्ट के तहत मामला दर्ज किया जाए ।
जिससे भविष्य में किसी भी प्रकार से कोई भी फिल्म इंडस्ट्री के निर्माता, निर्देशक इस तरह की जातिगत शब्दों से अपमानित करने वाली फिल्म न बना सके ।
वही,,प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से निवेदन किया है कि उपरोक्त विषयांकित अनुसार विवरण पर गंभीर रूप से विचार करते हुए अतिशीघ्र निदान किया जावे । अन्यथा निकट भविष्य में यह समाज पूरे प्रदेश में जाति अपमानित को लेकर उग्र प्रदर्शन करेगी । जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी।
ज्ञापन सौंपने मैं,, लाल कमल बंसल (बहोरीबंद जनपद अध्यक्ष) गुलाब बेन , (पार्षद) रामलाल (मुखिया) सुखलाल बंशकार, प्रेमलाल बंशकार, राजा बंशकार, दीपक बंशकार, बब्बू (मुखिया) कन्हैया (मुखिया) किशन बंशकार, सुरेश वंशकार सदन परलवान, मुन्ना वंशकार, प्रदीप बंशकार, प्रकाश, राजेश, कैलाश ,विजय बंशकार, भागीरथ बंसल, अरुण वंशकार संतोष, गुलाब, राजू बशकार,श्रीमती एनम बंशकार, आशा, कोमल शशि वंशकार,कटनी,,।
काशीराम बेन, कोमल, वेद प्रकाश, उदयभान ,रामसेवक, बारेलाल,संजू बेन, सुगराम बेन, धनीराम, आदि सैकड़ों की संख्या में लोग उपस्थित रहे ।
हरिशंकर बेन,,,


