श्री तारण तरण मंण्ड़लाचार्य गुरूवर ने बताया मोक्ष का मार्ग,
प्रत्येक जीव को कहा गुरूवर ने
“ तू स्वयं भगवान है “ : नीरजा फौजदार
रिपोर्टर सीमा कैथवास
नर्मदापुरम। समाजसेवी श्रीमती नीरजा फौजदार ने कहा कि आध्यात्मिक संत श्री तारण तरण मंण्ड़लाचार्य गुरूवर की गुरूपरवी है । आज के दिन हमारे गुरूवर की समाधी भावना निसाई जी तीर्थ क्षैत्र में हुई थी। आज का दिन हम सभी के लिये प्रेरणा दाई है। आदर्श महिला क्लब ने गुरूपरवी पर अपने अपने विचार रखे । क्लब की अध्यक्ष नीरजा फौजदार ने बताया संत तारण तरण का जन्म उस समय हुआ था जब देश में आराजकता फैली हुई थी। हिन्दु धर्म को खत्म करने का प्रयास सहित हिन्दु मंदिर को तोड़ा जा रहा था । धर्म की रक्षा के लिये बिल्हेरी ग्राम कटनी में तब ऐसे संत का जन्म हुआ जिनको सम्यक ज्ञान की प्राप्ति हुई । गुरूवर ने कहा कि भगवान के ग्रंथ बचाओ। मंदिर हम फिर बना लेगें जब से आज तक हम गुरूवर के अनुयायी भगवान के वाणी की पूजन अर्चना करते है, ओर जीवन में आत्मसाध्य करते है । सचिव श्वेता जैन ने बताया गुरूवर ने धर्म के सही मायने बताये हर जीव परमात्मा बन सकता है सिर्फ जरूरत है अपने को पहचानने की। संरक्षक संध्या मंहत ने कहा गुरूवर ने जैन धर्म जिन शासन को सही समझा ओर समझाया । संरक्षक ऐकता फौजदार ने रहा गुरूवर के स्वमं रचित 14 ग्रंथों की रचना की है ।
उपाध्यक्ष ज्योति जैन ने कहा गुरू ने हम सभी को आत्मा को परमात्मा बनाने का रास्ता बताया। उपाध्यक्ष नीता गिल्ला ने कहा सेमरखेड़ी में गुरूवर की शिक्षा दिक्षा हुई उस समय के वह महान संत हुये । सहसचिव अरमान जैन ने कहा हमारी चैत्यालय जी की मंदिर विधी में 24 तीर्थकर की वाणी का उल्लेख रचा है। सलाहकार प्रिती मंहत ने भी कहा हम बहुत पुन्यशाली है जो तारण कुल में हमारा जन्म हुआ। सलाहकार नम्रता मंहत ने समर्थन करते हुये कहा गुरूवर के रचित ग्रंथ में मोक्ष का संदेश देते है। संगीता बड़कुल ने कहा सूखा निसई जा गुरूवर का अतिशय क्षैत्र महान है जहॉं गुरूवर को सम्यक ज्ञान हुआ। सारिका जैन ने निसई जी तार्थ क्षैत्र मे गुरूवर की समाधी भावना हुई। कामनी गिल्ला ने कबा पूज्यनीय वह स्थल जहॉं गुरूवर के चरण पड़े। सभी ने अपनी अपनी बात रखी। बैठक में ऐकता फौजदार , संध्या मंहत , नीरजा फौजदार, श्वेता जैन , ज्योति जैन , अरमान जैन , अनीता जैन , नीता गिल्ला , डॉली दिगम्बर , कामनी गिल्ला , प्रीति मंहत ,ज्योति जैन , नम्रता मंहत , भावना चावरा , अनामिका जैन , संगीता डेरिया , भारती शर्मा सारिका जैन , दिव्यानी गिल्ला आदि उपस्थित रही। सभी ने श्रद्धापूर्वक भजन भी गाये । अंत में कामनी गिल्ला एंव प्रीति मंहत ने आभार प्रकट किया।
