रिपोर्टर रीठी हरिशंकर बेन
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कहते हैं कि भूख और गरीबी ऐसी चीज है जो इंसान से कुछ भी करा सकती है। आंकड़ों के मुताबिक शायद यही वजह है कि अपने खेलने कूदने और स्कूल जाने की उम्र में दुनिया का हर दसवां बच्चा अपनी पेट की आग बुझाने के लिए मजदूरी करने को मजबूर है। जो न केवल उनके आज बल्कि, उनके भविष्य को भी बर्बाद कर रहा है ।
बाल मजदूरी पर इतने सख्त कानून होने के बाद भी ठेकेदार द्वारा बच्चो से काम लिया जा रहा है।वह भी सरकारी भवन निर्माण कार्य मैं ।जबकि वहा मोजूद अधिकारी, कर्मचारी रोजाना बच्चो को काम पर लगा देखते होगे ।
हम बात कर रहे है कटनी जिले की रीठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की जहा अस्पलाल परिसर में ही निर्माणाधीन भवन में बाल मजदूर काम लगाए गए हैं ।
बता दें कि रीठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में यह भवन निर्माण कार्य काफी दिनों से चल रहा है और इसी इस भवन के सामने से रोज ही प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी भी गुजरते हैं लेकिन इनकी नजर आज तक इन बाल मजदूर मजदूरों पर नहीं गई ।
अब देखना यह है कि बाल मजदूर पर इतने सख्त कानून होने के बावजूद भी बच्चो के हाथो मैं किताबो की जगह तसाला पकड़वाने वाले पर संबंधित अधिकारी इस विषय पर क्या कार्रवाई करते हैं ।
