कटनी( 10 मई )- कमिश्नर जबलपुर अभय वर्मा ने 20 फरवरी की रात्रि को जिला चिकित्सालय कटनी के नवीन भवन के प्रथम तल स्थित प्रसव कक्ष में आगजनी की घटनाक्रम के मामले में बरती गई लापरवाही के लिए सिविल सर्जन डॉ यशवंत वर्मा से स्पष्टीकरण तलब किया है।
कलेक्टर अवि प्रसाद द्वारा जबलपुर कमिश्नर को प्रेषित पत्र पर सिविल सर्जन डॉक्टर वर्मा से स्पष्टीकरण मांगा गया है। जिसमें उल्लेखित किया गया है, कि जिला चिकित्सालय कटनी के एमसीएच भवन के हस्तांतरण के बाद एवं भवन के उपयोग करने के पूर्व तुरंत ही फायर ऑडिट प्रावधानों के तहत भवनों में अग्निशामक उपकरणों की स्थापना एवं अस्थाई अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करने एवं फायर ऑडिट रिपोर्ट प्राप्त करने की प्रावधान है। इसके बाद भी सिविल सर्जन द्वारा यह कार्यवाही नहीं की गई
साथ ही योग्य प्रशिक्षित कर्मचारी की ड्यूटी नहीं लगाई गई। इस प्रकार आपके द्वारा शासकीय कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही बरती गई है, इसलिए सिविल सर्जन डॉ. वर्मा से कमिश्नर जबलपुर ने आगजनी की घटनाक्रम में बरती गई लापरवाही के संबंध में स्पष्टीकरण तलब किया है।
उल्लेखनीय है, कि कलेक्टर कटनी श्री प्रसाद द्वारा कमिश्नर जबलपुर को सिविल सर्जन के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही के प्रस्ताव में आग लगने के कारणों की जांच हेतु गठित संयुक्त जांच दल द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के बिंदुओं की ओर इंगित किया गया था।
विदित हो कि संयुक्त जांच दल के द्वारा नवीन भवन मेटरनिटी एवं चाइल्ड हेल्थ बिल्डिंग का निरीक्षण किया गया।
जिला चिकित्सालय में सोमवार 20 फरवरी को आगजनी की घटना रात्रि 9ः15 बजे के करीब नवनिर्मित भवन के भू-तल में स्थित प्रसव कक्ष क्रमांक 2 में रखें एयर प्यूरीफायर में तकनीकी खराबी आने के कारण उपकरण के प्लग में स्पार्किंग देखी गई। जिसे ड्यूटीरत अलका पटेल द्वारा टॉप को विद्युत बोर्ड से अलग कर दिया गया। परंतु प्यूरीफायर ओवरहीट होने के कारण आग पकड़ चुका था तथा विद्युत बोर्ड के ऊपरी कवर, स्विच, सॉकेट पिघल गए एवं ऊपर लगा ए.सी. भी झुलस गया था।
