रिपोर्टर सीमा कैथवास
नर्मदापुरम// जिला सहकारी बैंक पुरानी इटारसी के अधीन संचालित होने वाली सेवा सहकारी समिति गोची तरौंदा में पदस्थ रहे सहायक समिति प्रबंधक सुरेश कुमार साहू को उनके कार्यकाल में समिति में गंभीर अनियमितताओ सहित लाखों रूपयो के गबन के आरोप में समिति द्वारा 21 जून 2019 को निलंबित कर दिया गया था। उसके बावजूद समिति के सहायक प्रबंधक को पनाह नियुक्ति प्रदान किए जाने के खिलाफ किसानों ने पिछले दिनों कलेक्टर की जनसुनवाई में पहुंचकर आपत्ति दर्ज कराई है। साथ ही कलेक्टर से गुहार लगाई है कि ऐसे भ्रष्ट कर्मचारी को तत्काल गौची तरोंदा समिति से हटाया जाए, जिससे समिति का संचालन सुचारू रूप से हो सके।शिकायत में अवगत कराया गया कि इनके कार्यकाल में हुई अनियमितता
एवं गबन की रिपोर्ट तैयार कर समय समय जिला सहकारी बैंक नर्मदापुरम एवं उपायुक्त सहकारिता संस्था नर्मदापुरम को दी गई थी। शिकायत की जांच वरिष्ठ कार्यालय द्वारा कराए जाने के उपरांत वर्ष 2014-15 में उपायुक्त सहकारी संस्थाएं नर्मदापुरम द्वारा समिति गौची तरोंदा का अंकेक्षण कराया गया था। जिसमें गंभीर अनियमितताएं सामने आईं थी,समिति से ऋण लेने वाले सदस्यों द्वारा पैसा दिए जाने के बावजूद भी उनके खातों में राशि नहीं चढ़ाई गई, जिसमें लाखों रुपए की गड़बड़ी पाई गई। साथ ही गेहूं खरीदी में भी गंभीर अनियमितता पाई गई, ऑडिट रिपोर्ट में इस बात का भी खुलासा हुआ कि संस्था द्वारा गोचीं तरोंदा एवं उप केंद्र भट्टी में 103327 क्विंटल गेहूं का उपार्जन किया गया जबकि नान को 100648.80 क्विंटल गेहूं प्रदान किया गया। इस प्रकार 2678.20 क्विंटल गेहूं कम प्रदान किया गया। जिसकी राशि 38,83, 390.00 रुपए संस्था प्रबंधक एवं केंद्र प्रभारी से संयुक्त रूप से वसूली जाने योग्य का लेखन किया गया। सहायक समिति प्रबंधक सुरेश साहू पर गंभीर भ्रष्टाचार और गबन की जांच समिति द्वारा धारा 64 के अंतर्गत न्यायालय उपायुक्त सहकारी संस्थाएं प्रकरण विचाराधीन है परंतु लगाए गए आरोपों पर न्यायालय द्वारा कोई निर्णय नहीं लिया गया बल्कि पुनः समिति में 21 अप्रैल 2023 को पदस्थापना आदेश दे दिया गया। इस विषय को लेकर किसानों ने विरोध करते हुए कलेक्टर की जनसुनवाई में शिकायत कर पूरे मामले की जांच सहित पदस्थ किए गए सहायक समिति प्रबंधक साहू को हटाए जाने की मांग की है। साथ ही अवगत कराया कि उक्त कर्मचारी ने अपने कार्यकाल में समिति को नुकसान पहुंचाया है। किसानों से ऋण वसूली कर बैंक शाखा में जमा नहीं किया है। ऐसे भ्रष्ट कर्मचारी को पुनः समिति में पदस्थापना की गई है जिसका किसान विरोध कर रहे है। उक्त मामले में उपायुक्त सहकारिता शिवम मिश्रा ने बताया कि संबंधित कर्मचारी साहू को समिति द्वारा 2019 में निलंबित किया गया था सहकारिता अधिनियम के अनुसार प्रावधान है कि समिति को 90 दिन में चार्जशीट देनी थी परंतु समिति द्वारा ऐसा नहीं किया इन परिस्थितियों में कर्मचारी 90 दिन पश्चात स्वत ही बहाल हो जाता है। समिति द्वारा निलंबित कर्मचारी को 90 दिन के भीतर चार्जशीट नहीं दी गई थी। न्यायालय पंजीयक द्वारा फिल्हाल स्टे दिया गया है, आगे जो भी गवाह सबूत आएंगे उसके अनुसार कार्यवाही की जाएगी।
