कटनी। शासकीय तिलक स्नातकोत्तर महाविद्यालय कटनी में व्यावसायिक शिक्षा के अंतर्गत विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर स्वावलंबी एवं स्वरोजगार स्थापित करने के लिए प्राचार्य डॉ सुधीर खरे के मार्गदर्शन एवं प्रशिक्षण समन्वयक डॉ वीके द्विवेदी के सहयोग से जैविक कृषि विशेषज्ञ रामसुख दुबे द्वारा जैविक खेती का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। नोटूको खेती पारिस्थितिकी तंत्र के सभी अवयवों व उपलब्ध संसाधनों के बीच सामंजस्य कर उनके भरपूर दोहन के सिद्धांत पर आधारित है फसलों की वातावरण व पोषण आवश्यकताएं मिट्टी की उर्वरा शक्ति पौधों पर्यावरण भूमि के बीच संबंधों की जानकारी दी गई। नोटुको खेती के अंतर्गत मृदा जड़े एवं परण छत्र फैलाव प्रबंधन तथा सूर्य ऊर्जा का अधिकतम उपयोग ग्राम में उपलब्ध संसाधनों के उपयोग से अधिक उत्पादन प्राप्त करने का तकनीकी प्रशिक्षण दिया गया। जैविक खादों एवं कीटनाशकों को बनाकर फसलों में उपयोग करने से बाजार पर निर्भरता कम होगी शुद्ध एवं रसायन मुक्त अनाज तथा जैविक उत्पाद प्राप्त होंगे। प्रशिक्षण में रंजीत कुमार सोनू ठाकुर अमरनाथ नितेश श्याम मणि तथा नंदकिशोर एवं छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।
