संवाददाता-भूनेश्वर केवट
मंडला – परशुराम जन्म उत्सव और ईद का त्यौहार एक साथ पड़ने के चलते प्रशासन द्वारा पूर्व में शांति समिति की बैठक का आयोजन किया गया जिसमें दोनों पक्षों को शांति के साथ त्यौहार मनाने की हिदायत दी गई पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार परशुराम जन्मोत्सव की वाहन रैली बजरंग चौक से होते हुए नेहरू स्मारक होते हुए विझिया चौराहा पहुंची उसी वक्त दोनों समुदाय के लोग आमने सामने आ गए और दोनों पक्षों द्वारा जमकर नारेबाजी की गई पर्याप्त पुलिस बल ना होने के कारण स्थिति बिगड़ती जा रही थी तभी दोनों पक्ष के समझदार लोग सामने आए और दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर किसी तरह से मामले को शांत किया गया धीरे-धीरे रेलीआगे बढ़ी और मामला शांत हुआ यदि देखा जाए तो इसमें पुलिस प्रशासन की गलती सामने आती है पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार यातायात व पुलिस को अपनी तैयारी रखना था देखा यह गया है कि रैली महाराजपुर से निकलकर मंडला की तरफ बढ़ रही थी तो यातायात विभाग द्वारा भारी वाहनों को नहीं रोका गया जिससे कि यातायात व्यवस्था देखने को मिली वहीं लोगों को परेशान होते हुए भी देखा गया इसी तरह से जब रैली नेहरू स्मारक पहुंची तो पुलिस प्रशासन को पक्के बंदोबस्त करना था क्योंकि इसी समय ईदगाह से नमाज पढ़कर मुस्लिम संप्रदाय के लोग बाहर निकल रहे थे यह तो अच्छा है कि मंडला में आपसी संप्रदायिक सौहार्द के चलते किसी तरह की अप्रिय घटना नहीं घटी मगर आने वाले त्योहारों के मद्देनजर पुलिस प्रशासन को पक्की तैयारी रखना जरूरी क्योंकि असामाजिक तत्व कभी भी मंडला जैसे शांत शहर का वातावरण बिगाड़ सकते हैं
