जिला अस्पताल में प्रसव की संख्या में आई उत्साहजनक वृद्धि, रेफरल घटे
पहली बार इतनी बड़ी संख्या में हुए सीजेरियन ऑपरेशन
कटनी( 18 अप्रैल )-मातृ शिशु मृत्यु दर को कम करने और संस्थागत प्रसव बढ़ावा देने के लिए कलेक्टर कटनी अवि प्रसाद द्वारा की जा रही सतत मॉनिटरिंग और कुशल रणनीति के सार्थक और उत्साहजनक परिणाम सामने आ रहे हैं। एक ओर जहां संस्थागत प्रसव में उत्साहजनक वृद्धि हुई है वहीं जिला अस्पताल से प्रसूताओं को रेफर किए जाने के मामलों में भी कमी परिलक्षित हो रही है। जिले की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने और जिले में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं का जनहित में समुचित उपयोग सुनिश्चित करने कलेक्टर कटनी अवि प्रसाद द्वारा किए जा रहे सतत प्रयास और सूक्ष्म निगरानी के फलस्वरूप जिला अस्पताल में प्रसव संपादन के सफल मामलों में जहां उत्तरोत्तर वृद्धि हो रही है। जिनमें कई जटिल प्रसव ऑपरेशन भी अब जिला अस्पताल में संभव हुए हैं।
जिला अस्पताल में हुए1340 सीजेरियन ऑपरेशन
कलेक्टर अवि प्रसाद की सतत मॉनिटरिंग और सख्त कार्यवाहियों के परिणाम स्वरूप जिला चिकित्सालय में संपादित होने वाली प्रसव सेवाओं की संख्या और गुणवत्ता दोनों में वृद्धि परिलक्षित हुई है। विशेषकर प्रसव जांचों और प्रसूताओं के बेवजह रेफरल प्रकरणों पर कलेक्टर श्री प्रसाद द्वारा बरती गई गंभीरता के कारण पहली बार जिला चिकित्सालय में सर्वाधिक सीजेरियन प्रसव ऑपरेशन दर्ज हुए हैं। जिला चिकित्सालय में वर्ष 2022-23 में सर्वाधिक 1340 सीजेरियान ऑपरेशन किए गए। जबकि पूर्व के वर्षों में सीजेरियन ऑपरेशन से संबंधित अधिकांश मामलों में प्रसूताओं को रेफर कर दिया जाता था। इन 1340 सीजेरियन ऑपरेशन में 104 रात्रिकालीन शल्य क्रिया भी शामिल है।
अंतिम तीन माह में हुई 381 डिलेवरी
1 जनवरी 2023 से 31 मार्च 2023 तक 381 प्रसव जिला अस्पताल में कराए गए हैं। जबकि वर्ष 2022 में इसी अवधि में महज 261 प्रसव कराए गए थे। शुरुआती 3 माह में ही गत वर्ष की तुलना में 31.5% अधिक डिलेवरी कराई जा चुकी हैं।
कारगर साबित हो रही रणनीति
सुरक्षित संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने और मातृ – शिशु मृत्यु दर को कम करने कलेक्टर द्वारा लगातार सतत निगरानी रखकर लापरवाह आशा कार्यकर्ताओं और एएनएम से लेकर नर्सिंग स्टाफ और चिकित्सकों पर की जा रही कार्यवाही का ही परिणाम है कि जिला अस्पताल में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में सीजेरियन प्रसव ऑपरेशन संभव हो सके। जबकि पूर्व के वर्षों में ऐसे प्रकरणों में प्रसूताओं को रेफर कर दिया जाता था। उल्लेखनीय है कि बिना किसी गंभीर कारण के, अपर्याप्त जांच और बेवजह प्रसूताओं को रेफर किए जाने पर कलेक्टर श्री प्रसाद द्वारा निरंतर सख्त रुख अपनाते हुए उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर उनके विरुद्ध जांच और अन्य कार्यवाही की जा रही है। अब तक कलेक्टर श्री प्रसाद द्वारा ऐसे प्रकरणों में 39 एएनएम, 2 स्टॉफ नर्स और 10 चिकित्सकों जिनमें बीएमओ और महिला चिकित्सक भी शामिल हैं उन्हें नोटिस थमाया जा चुका है।
संसाधनों में भी हो रहा इजाफा
कलेक्टर श्री प्रसाद द्वारा जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए जिला चिकित्सालय में कई अन्य संसाधन और सेवाएं शुरू कराई जा रही हैं। नए एमसीएच भवन में 2 अन्य मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर बनने के बाद अब मातृ शिशु सेवाएं अब और अधिक सुरक्षित होंगी। जिन्हें जल्द शुरू कराया जा रहा है। जिला चिकित्सालय में सुरक्षित प्रसव की संख्या में हुई उत्साहजनक वृद्धि के लिए कलेक्टर श्री प्रसाद द्वारा सिविल सर्जन डॉ यशवंत वर्मा सहित चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ और संबंधित स्वास्थ्य कर्मियों को बधाई दी है।
