रिपोर्टर सीमा कैथवास
सिवनी मालवा। हिंदू धर्म में नगरों या शहरों में क्षेत्रपाल देवता का विशेष स्थान रहता है जो उस क्षेत्र की रक्षा करते हैं ऐसे ही नर्मदापुरम जिले की सिवनी मालवा तहसील के जनमानस में भिलट देव का एक विशिष्ट स्थान है । अनेक कुलों में वह कुल देवता के रूप में पूजे जाते हैं तो अनेक वंश और हिंदू धर्म के वर्ग देव भिलट को अपना ईस्ट मानते हैं । काठी वाले लोक गायक हो या फिर अपने बच्चों के गले में देव भिलट के नाम की डाली जाने वाली बेल सभी लोग गायन परंपराएं और हमारी लोक संस्कृति, हमारे विश्वास और आस्थाओं को जीवित रखती हैं। देव भीलट द्वारा जनमानस की मनोवांछित अभिलाषाओं, इच्छाओं की पूर्ति करना और उन पर आई विपदाओं को हरने के प्रत्यक्ष प्रमाण होना ही भिलट को देव भिलट बनाकर देवतुल्य बना दिया । जिस तरह भगवान राम हमारे लोक जीवन में सर्वव्यापी हैं उनके नाम से ही बच्चों के जन्म, नामांकन, विवाह और मोक्ष के समय भी राम नाम लेकर विदाई दी जाती है उसी तरह भिलट देव भी जनमानस में सर्वव्याप्त है। देव भिलट लोक भिलट के रूप में पूज्य हैं। हर वर्ष चेत्र माह में देव भिलट का मेला लगता है। 4/4/23 से श्री भिलट देव मेला का शुभारंभ किया गया जिसमे जनपद पंचायत सिवनी मालवा की अध्यक्ष श्रीमती रेणुका मृगेंद्र मंडलोई, उपाध्यक्ष राम भैया रघुवंशी, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी दुर्गेश भूमरकर, हंसराज बड़कुर, श्रीमति अनीता वर्मा अन्य जनपद सदस्य गण एवं मेला प्रभारी विपिन तिवारी अपनी टीम के साथ मेला में उपस्थित रहें। जनपद अध्यक्ष प्रतिनिधि मृगेंद्र मंडलोई के साथ सभी ने भिलट बाबा , भान बाबा को ध्वज अर्पण कर पूजा अर्चना की। लगभग 10 दिनों तक यह मेला लगेगा।
