कटनी। वीरांगना रानी दुर्गावती शासकीय महाविद्यालय बहोरीबंद में उच्च शिक्षा विभाग द्वारा आत्मनिर्भर स्वाबलंबी एवं स्वरोजगार स्थापित करने के लिए स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन योजना के तहत प्राचार्य डॉ इंद्र कुमार पटेल के मार्गदर्शन एवं प्रशिक्षण समन्वयक विवेक चौबे एवं मंजू द्विवेदी के सहयोग से जैविक कृषि विशेषज्ञ रामसुख दुबे द्वारा विद्यार्थियों को जैविक खेती का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के क्रम में बायोडायनेमिक कृषि के अंतर्गत होमाखेती अग्निहोत्र की अवधारणा के तहत सूर्योदय एवं सूर्यास्त के समय तांबे या मिट्टी के पात्र में गोबर के कंडे छोटे-छोटे टुकड़े रखकर गाय के घी का बगैर टूटे चावल के साथ एक विशेष मंत्र का जाप करते हुए अग्नि प्रज्वलित कर सुबह एवं शाम दो दो बार आहुति दी जाती है। जैविक पदार्थों के जलने से शुद्धीकरण ऊर्जा निकलती है यह ऊर्जा वातावरण में समाहित होने के साथ राख में समाहित हो जाती है राख का उपयोग बीजों एवं कंदों के उपचार तथा पौधों में छिड़काव करने से उत्पादन में वृद्धि होती है। फूलों तथा फलों के पौधों की संख्या बढ़ाने के लिए बीज या वानस्पतिक तरीके से पौध प्रसारण की विधियों की तकनीकी जानकारी दी गई इसके अंतर्गत कली जेमाओ पत्ती भूमि में रहने वाले तने तथा पत्र प्रकलिका द्वारा तथा कृत्रिम विधियों के अंतर्गत तने को काटकर दाब विधि गूटी बांधना तथा ग्राफ्टिंग विधि का तकनीकी प्रशिक्षण विद्यार्थियों को दिया गया।
