रिपोर्टर सीमा कैथवास
नर्मदापुरम । नगर पालिका परिषद नर्मदापुरम में कुछ वार्ड आज भी पेयजल की समस्या से जूझ रहे हैं जबकि शहर में करोड़ों रुपए की अमृत योजना से पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था कराई गई है। दावा तो यहां तक किया गया था कि लोगों के घरों में 24 घंटे पेयजल की सुविधा उपलब्ध रहेंगी परंतु यह सुविधा कागजों में ही ज्यादा सुशोभित नजर आ रही है और अब तो अमृत टू योजना शुरू हो गई है। आश्चर्य तो तब और होता है जब की नर्मदापुरम नगरी मां नर्मदा के किनारे बसी हुई है और नर्मदा किनारे के पास के वार्ड में पेयजल की समस्या हो तो महज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि योजना का किस तरीके से सदुपयोग हुआ है ? पेयजल की समस्या से जूझ रहे वार्ड क्रमांक 6 के भाजपा पार्षद राजेंद्र उपाध्याय अपने वार्ड की समस्याओं को लेकर निरंतर मुखर हैं वार्ड के विकास को लेकर वह 24 घंटे सक्रिय हैं। पार्षद राजेंद्र उपाध्याय द्वारा अथक प्रयासों से उनके वार्ड में पेयजल के लिए अमृत योजना की पाइप लाइन तो डलवा ली गई है । मोरछली चौक और भी जगह तक अमृत जल
की पाइपलाइन बिछवाई गई लेकिन अभी तक उसको पानी से शुरू नहीं किया गया है। करीब 6 माह से वह निरंतर प्रयासरत है कि उनके वार्ड में अमृत योजना के पाइप लाइनों में आज भी पाइप में पानी आ जाए ! अमृत योजना का कार्य कर रहे ठेकेदार द्वारा उसे पंप हाउस से जोड़ने की बात कही जा रही है , नलकूप से जोड़ने जिस पर उन्होंने आपत्ति ली है कि नलकूप से जोड़ने की कोई योजना में ऐसी कोई प्रक्रिया ही नहीं है इसके लिए विधिवत पानी की पेयजल के लिए टंकी बनाई जानी चाहिए अमृत योजना में नर्मदा जल वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के माध्यम से टंकियों में जाता है उसके बाद लोगो के घरों में टंकियों से पाइप लाइन जोड़ी जाती है ना कि नलकूप द्वारा और उस में पेयजल की सप्लाई दी जा रही है । करोड़ों रुपए क्या सिर्फ़ नलकूप से जोड़ने के लिए खर्च किए पर भी पार्षद द्वारा सवाल खड़े किए गए हैं?? पार्षद राजेंद्र उपाध्याय का आरोप है कि इंजीनियर द्वारा करीब 6 माह से उन्हें आश्वासन दिया जा रहा है कि अमृत योजना की पाइप लाइन में नर्मदा जल प्रभावित होगा परंतु आज भी सप्लाई नहीं हो रही है और नगर पालिका में कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने मीडिया के सामने इस पूरे मामले को रखा है और इंजीनियर ने मीडिया के सामने कहा कि वह 3 दिन में पाइप लाइन में नर्मदा जल को प्रवाहित कर देंगे। आश्चर्य की बात तो यह है कि नगर पालिका परिषद का भी गठन हो चुका है और सभापति भी नियुक्त हो चुके हैं उसके बाद भी आज भी मूलभूत सुविधा के अंतर्गत आने वाला जल के लिए जनता परेशान है। वार्डवासी सहित जनप्रतिनिधि भी अपनी मांगों को पूरी नहीं करवा पा रहे हैं। आश्चर्य की बात तो यह है कि सालों से अमृत योजना चल रही है अब अमृत योजना 2 के माध्यम से नर्मदा जल हर घर पहुंचाने की बात कही गई है लेकिन वार्ड नंबर 6 के पार्षद के द्वारा 6 महीने से नर्मदा जल घर पहुंचाने के लिए पाइप लाइन बिछाने के बाद भी आश्वासन के बाद आश्वासन मिलने के बाद उनकी समस्या जस की तस बनी हुई है तो एक आम आदमी की समस्या कैसे पूरी होती है यह नजर आ रहा है जो कि जिम्मेदारों की करनी और कथनी पर सवाल खड़े करते हैं? यहां तक की नगर पालिका सीएमओ साहब भी असहाय नजर आ रहे हैं परिषद के सामने और परिषद भी आम जनता को सुविधा देने को लेकर मौन हैं और उनकी ही पार्टी के पार्षद आम जनता को सुविधा दिलाने को लेकर संघर्ष कर रहे हैं जो कि सवाल खड़े करते हैं? आपको बता दे कि नर्मदापुरम नगर पालिका क्षेत्र में अमृत योजना के माध्यम से नर्मदा जल हर घर पहुंचाने का कार्य कछुए चाल से चल रहा है और समय-समय पर इंजीनियर को चेताया भी गया है उसके बाद भी 6 महीने से वार्ड नंबर 6 के पार्षद अपने क्षेत्र में पाइप लाइन बिछाने के बाद भी अमृत योजना के माध्यम से नर्मदा जल उनके वार्ड के घरों में पहुंचाने के लिए गुहार लगा रहे हैं उन्हें आश्वासन पर आश्वासन दिया जा रहा है। अब देखते हैं कि उनकी यह मांग अमृत योजना का कार्य देखने वाले इंजीनियर गौर साहब के द्वारा कब तक पूरा किया जाता है?
