रिपोर्टर सीमा कैथवास
नर्मदापुरम। कलेक्टर नीरज कुमार सिंह की जनसुनवाई में आज मंगलवार को पिपरिया से बड़ी संख्या में पहुंचे पालक गणों ने कलेक्टर से गुहार लगाई कि निजी स्कूल में प्रबंधन द्वारा अत्याधिक फीस वृद्धि करने से पालकों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है और पालकों को भ्रामक जानकारी दी जा रही हैं। हमारे द्वारा विकास खंड शिक्षा अधिकारी, विकासखंड स्रोत समन्वयक, जनपद शिक्षा केंद्र सोहागपुर को भी शिकायत की जा चुकी है,परंतु कोई कार्यवाही नहीं की गई है। शिकायत में अवगत कराया गया है कि हम सभी पालक सेमीरिन्टर्स आईसीएसई स्कूल पिपरिया जिला नर्मदापुरम में विगत वर्षों से (सत्र 2017-18) से अपने बच्चों को पढ़ा रहे है। हमें प्रवेश के समय स्कूल को आई.सी.एस.ई. से मान्यता प्राप्त बताया व शहर में सबसे ज्यादा फीस ली जा रही थी, जिसमें प्रतिवर्ष फीस वृद्धि भी की गई।
वर्ष 2023 में ट्यूशन फीस में अत्यधिक फीस वृद्धि कर दी गई जैसे पिछले वर्ष जो फीस 1500 रूपये प्रतिमाह थी इस वर्ष 3100 रूपये कर दी गई है। एक्टीविटी फीस पिछले वर्ष 2500 रूपये से बढाकर 4000 रूपये कर दी व इस वर्ष 4000 रूपये से 5000 रूपये कर दी बस फीस 600 रूपये से 1200 रूपये कर दी गई।
स्कूल प्रबंधन द्वारा तर्क दिया जा रहा है कि हमें आई.सी.एस.ई. से मान्यता मिल गई है। इसलिए यह फीस वृद्धि की गई जबकि हम सब पालकगण पिछले 5-6 वर्षो से आई.सी.एस.ई. से मान्यता प्राप्त स्कूल में ही पढा रहें है व शहर में सबसे ज्यादा फीस दे रहें है।
पूर्व में भी आवेदन हमारे द्वारा दिनांक 11.03.2023 को स्कूल प्रशासन को दिया, दिनांक 17.03.2023 को विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी व विकास खंण्ड स्त्रोत समन्वयक जनपद शिक्षा केन्द्र सोहागपुर को दे चुके पर कोई कार्यवाही अभी तक नहीं हुई है। फीस वृद्धि को लेकर हमने स्कूल प्रबंधन को जब अपनी बात रखी की आप किस आधार पर फीस वृद्धि कर रहे हैं तो उन्होंने कहा आपको अगर नहीं पढ़ाना है तो आप अपने बच्चे की यहां से टीसी ले सकते हैं इस प्रकार अब हमारे बच्चों का भविष्य अधर में स्कूल प्रबंधन की तानाशाही के कारण हो गया है। बच्चों को एग्जाम के लिए पिपरिया से नर्मदापुरम परीक्षा सेंटर बनाया गया हमारे द्वारा स्कूल प्रबंधन से बार-बार नियम विपरीत फीस वृद्धि सहित मनमानी को लेकर चर्चा की गई तो उनका रवैया हम पालक गणों से रूडली रहा और वे कहते हैं कि आपको अपने बच्चों को नहीं पढ़ाना है तो आप टीसी ले सकते हैं। इस तरह स्कूल प्रबंधन की मनमानी से परेशान होकर आज हम पालक गण जनसुनवाई में कलेक्टर महोदय के पास पहुंचे और हमारी शिकायत को सुनने के उपरांत कलेक्टर महोदय ने जिला शिक्षा अधिकारी को फॉरवर्ड की गई है। स्कूल संचालक सहित स्कूल प्रबंधन की मनमानी से हमारे बच्चों के भविष्य से कोई खिलवाड़ ना हो इसलिए हम पालक गण जिला कलेक्टर महोदय से न्याय की गुहार लगा रहे हैं।
