सिलौंडी : आज सिलौंडी के इंदिरा आवास कॉलोनी से पंच रघुवीर सिंह के नेतृत्व में चुनरी यात्रा का शुभारंभ हुआ । चुनरी यात्रा सिलौडी से माँ वीरासन मंदिर तक पैदल यात्रा में ग्राम के वरिष्ठ लोग शामिल होंगे ।क्षेत्र जंगलों के बीच स्थित प्रसिद्ध देवी स्थल मां वीरासन देवी (कचनारी) में चैत्र नवरात्रि में माता के दर्शन को भक्त बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। माता के भक्त दूर दराज से सुबह से ही माता की पूजा अर्चना कर दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। प्रांगण में भक्तों द्वारा प्रसाद वितरण कर पुण्य लाभ ले रहे है।
घने जंगलों के बीचों बीच स्थापित है जगत जननी माँ वीरासन देवी का मनोकामना पूर्ण करने वाला मन्दिर इस स्थान का मुख्य रूप है यहाँ पर विराजमान माँ वीरासन देवी की प्रतिमा। माता की प्रतिमा प्राचीन काल की बनी हुई है l माँ वीरासन देवी की प्रतिमा घनघोर जंगल के बीच में स्थापित हैं, और अपने भक्तों की मनोकामनाओ को पूरा करती हैं। माता रानी के दर्शन करने के लिए हर वर्ष माता के भक्त बड़ी संख्या में पहुंचते रहे है।
यह मंदिर गवर्नमेंट के अधीनस्थ ट्रस्ट पर हैं । मंदिर समिती के सदस्य ओमकार सोनी जी भी दिन रात भक्तों की सुविधाएं हेतु अथक प्रयास कर रहे है ।
मंदिर समिती के हरि ओम जी एवं ओमकार सोनी के प्रयासों से पुलिस एस पी कटनी के माध्यम से इस बार से सुरक्षा व्यवस्था में दो गन मैन दस दिनों तक तैनात रहेंगे ।
पूजन व्यवस्था में भी महर्षि आश्रम से दो युवा विद्वन आये है । मंदिर के मुख्य पुजारी श्याम दुबे जी के नाती सौरभ दुबे , पंकज दुबे भी माता की पूजन आरती का दायित्व बहुत अच्छे से कर रहे है । हर वर्ष की तरह इस बार भी रोज 10 दिनों तक माता का श्रंगार जिला पंचायत कविता पंकज राय की तरफ आ रहा है ।
माँ विरासन माता की रोज सुबह और शाम में पूजन आरती से माँ की आराधना की जा रही है। अनेक भक्तो द्वारा 9 दिन का उपवास किया जा रहा है। ग्राम के बड़ी मढिया में पंडा भोला शर्मा ,बाबू लाल शर्मा ,भावनी शर्मा परिवार , छोटी मढिया संदीप पंडा परिवार पीढियों से मढिया की पूजन अर्चन कर रहा है । ग्राम में धार्मिक कार्य में आगे रहने वाले उपसरपंच राहुल राय जी भी नव दिन उपवास कर रहे है ।
पुरोहित एवं भक्त गण दिन भर एवं रात्रि पर माँ के पूजन आरती में लीन है। गाँव के देवालयों में बड़ी मढ़िया, छोटी मढिया
खेर माता, देसाई माता आदि देवी स्थलों पर सुबह से ही भक्त जल अर्पित एवं दर्शन करने के लिए बड़ी संख्या महिलाएं परिवार सहित पहुंच रही हैं।
सारा वातावरण माता की भक्ति में भक्तिमय है।
