सीमा कैथवास की रिपोर्ट
नर्मदापुरम। दिल्ली में अमेरिकी दूतावास में सहायक प्रबंधक के पद पर कार्य कर चुकीं लीना शर्मा के हत्याकांड में मंगलवार को फैसला आया। साल 2016 के बहुचर्चित लीना शर्मा हत्याकांड में सगे मामा प्रदीप शर्मा समेत 3 आरोपी को दोषी पाया गया। नर्मदापुरम जिले के सोहागपुर में द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश संतोष सैनी ने हत्यारें मामा समेत तीन को अजीवन कारावास की सजा सुनाई। वर्ष 2016 में होशंगाबाद (नर्मदापुरम) जिले के सोहागपुर थाना अंतर्गत डूडादेह गांव में लीना की हत्या कर दी गई। हत्याकांड को उनके मामा और तत्कालीन ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप शर्मा ने अपने दो नौकरों
के साथ मिलकर अंजाम दिया। मंगलवार को फैसला आया। अभियोजन की ओर से 64 साक्षीयों का परीक्षण कराया गया। आरोपी जमानत पर थे। मंगलवार को फैसला आने के बाद प्रदीप शर्मा, गोरेलाल और राजेंद्र को उपजेल पिपरिया भेजा गया।
जमीन पर अतिक्रमण को लेकर हुआ था विवाद –
मृतिका लीना शर्मा निवासी राजेन्द्र वार्ड सोहागपुर,जो कि आरोपी प्रदीप शर्मा की रिश्तें में भांजी थी। जिसकी पैतिृक कृषि भूमि ग्राम डूडादेह में थी, जिसका सीमांकन लीना शर्मा के द्वारा माह अप्रैल 2016 में किया गया था। सीमांकन के उपरांत मृतिका लीना शर्मा की कृषि भूमि में से 10 एकड़ 41 डेसिमल भूमि आरोपी प्रदीप शर्मा(मृतिका के मामा) के कब्जे में पाई गई थी। मृतिका लीना शर्मा के द्वारा अपनी भूमि को तार फेंसिंग कराने के लिए प्रताप कुशवाहा से बात की थी। प्रताप कुशवाहा ने भूमि पर तार फेंसिग करने के लिए राजी हुआ था। 29 अप्रैल 2016 को सुबह करीब 10 बजे मृतिका लीना शर्मा, प्रताप कुशवाहा, उसके कर्मचारी गंगाराम एवं तुलाराम के साथ मौके पर गया था। सीमांकन अनुसार मृतिका लीना शर्मा ने उक्त व्यक्तियों की उपस्थिति में तार फेंसिग करा रही थी, वहीं आरोपी प्रदीप शर्मा एवं उसके कर्मचारी एवं आरोपी राजेन्द्र एवं गोरे लाल भी वहां पहुंचे। मामा आरोपी प्रदीप शर्मा ने मृतिका लीना शर्मा को तार फेंसिग कराने से मना कर दिया था, इसी बात को लेकर आरोपी से मृतिका लीना शर्मा के बीच विवाद एवं मारपीट हुई थी। प्रताप कुशवाहा ने विवाद एवं मारपीट की घटना की जानकारी पड़ोसी डेनियल को दी थी। विवाद के बाद लीना शर्मा लापता हो गई थी।
मामा ने दर्ज कराई लापता की रिपोर्ट –
आरोपी मामा प्रदीप शर्मा ने ही 5 मई 2016 को थाना सोहागपुर में मृतिका लीना शर्मा की गुम होने की सूचना दर्ज करायी थी। गुम इंसान की जांच के दौरान मृतिका लीना शर्मा की काॅल डिटेल निकाली गई। मृतिका लीना शर्मा की अंतिम बार बात प्रताप कुशवाह एवं आटो ड्राइवर से हुई थी। पुलिस ने मोबाइल नंबर अनुसार प्रताप कुशवाह व ऑटो ड्राइवर से बातचीत की। प्रताप ने लीना से प्रदीप शर्मा व उसके साथी द्वारा विवाद करने के बारे में बताया था। पुलिस ने प्रदीप शर्मा को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने लीना शर्मा की हत्या कर उसके शव को कामती-रंगपुर के जंगल के बरसाती नाले में गढ़ाने की जानकारी दी गई। इसके बाद नगरपरिषद के कर्मचारी और तहसीलदार सोहागपुर एवं पुलिस अधिकारी कर्मचारियों की उपस्थिति में गड्ढा खोदकर शव निकाला गया था। मृतिका लीना शर्मा का शव नग्न अवस्था एवं सडी अवस्था में पाया गया था। मृतिका के शव के पास से कपड़े एवं अन्य सामान पाया गया था। मृतिका के शव का डीएनए परिक्षण मृतिका की बहन हेमा शर्मा के ब्लड सेंपल से कराया गया था।
हत्यारों को यह सुनाई गई सजा –
आरोपी प्रदीप शर्मा पिता जुगल किशोर शर्मा(63) निवासी डूडादेह, थाना-सोहागपुर, तहसील सोहागपुर, जिला नर्मदापुरम को आजीवन कारावास एवं 10,000/-रु., धारा 120 बी में आजीवन कारावास एवं 10,000/- रू अर्थदण्ड, धारा 201 में 7 वर्ष का कारावास एवं 5,000/- रू अर्थदण्ड, धारा 404 में 3 वर्ष का कारावास एवं 5,000/- रू अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। प्रदीप के कर्मचारी आरोपी गोरेलाल एवं राजेन्द्र को धारा 302/34 में आजीवन कारावास एवं 10000-10000/- रू0 अर्थदण्ड, धारा 120 बी में आजीवन कारावास एवं 10000-10000/- रू अर्थदण्ड, धारा 201 में 7-7 वर्ष का कारावास एवं 5000-5000/- रू अर्थदण्ड से दण्डित किया गया है।
नमक-यूरिया का इस्तेमाल कर जंगल में दफनाया
हत्या करने के बाद तीनों आरोपियों ने सुबूत मिटाने के लिए लीना के शरीर से कपड़े उतारकर खेत में जला दिए और शव को जंगल में दफना दिया था। शव को गलाने के लिए नमक और यूरिया डालकर रेत और पत्थर से दबा दिया था। शव के साथ लीना के ब्रेसलेट, घड़ी और दोनों जूते मिले हैं। शव बुरी तरह गल चुका है।
