सीजनल इन्फ्लूएंजा एच1एन1एच3एन2 (H1H1H3H2) वैरिएंट की रोकथाम एवं नियंत्रण के संबंध निर्देश जारी : सीएमएचओ डॉ. देहलवार
सीमा कैथवास रिपोर्ट
नर्मदापुरम। वर्ष-2023 में भारत वर्ष के कुछ राज्यों/ केन्द्र शासित प्रदेशों में संक्रमण एवं गंभीर तीव्र श्वसन संबंधी बीमारियों (ILIS/SAR)) जैसे इन्फ्लुएंजा की बढ़ती प्रवृति को मद्देनजर रखते हुए सीजनल इन्फ्लूएंजा (एच1एन1एच3एन2) वैरिएंट की रोकथाम एवं नियंत्रण के संबंध में स्वास्थ्य आयुक्त म०प्र० भोपाल द्वारा निर्देश जारी किए गये है, इसके परिपेक्ष्य में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ दिनेश देहलवार जिला नर्मदापुरम द्वारा समस्त स्वास्थ्य संस्था प्रभारियों को सर्दी, खाँसी, बुखार के मरीजों को नियमित जांच एव उपचार के संबंध में निर्देश जारी किये जा चुके है। सीएमएचओ डॉ देहलवार ने बताया कि यदि स्वास्थ्य संस्था में ऐसे मरीज जिनमें छोटे बच्चे, बुजर्ग व्यक्ति या अन्य किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित व्यक्ति विशेष रूप से एच1एन1, एच3एन2 आदि से ग्रसित व्यक्ति से सर्तक रहे, इनमें से अधिकांश रोगी आमतौर पर बुखार, खांसी एवं तीव्र श्वसन के साथ संक्रमण प्रकट करने वाली स्वयं सीमित बीमारी का कारण बनते है। कुछ मामलों में विशेष रूप से वृद्ध व्यक्ति, मोटापे से ग्रसित व्यक्ति और अन्य गंभीर बीमारी से ग्रसित। साथ ही गर्भवती महिला इन बीमारियों से अधिक गंभीर रूप से पीड़ित हो सकती है, जिन्हें अस्पताल में भर्ती करने कि आवश्यकता पड़ सकती है। जिले के सभी नागरिको से अपील है कि इन रोगों के संचरण को सीमित करने के लिए स्वंय की जागरूकता आवश्यक है जैसे-खॉसते एवं छींकते समय अपने मुँह एवं नाक को ढकें, सार्वजनिक स्थानों पर ना थूके, भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में मास्क का उपयोग करना तथा बार-बार हाथ धोना, आदि लक्षणों की शुरूवाती सूचना देने को बढ़ावा देना और उन लोगों के संपर्क में न रहें जिन्हें श्वसन संबंधी बीमारी है। यदि किसी भी व्यक्ति को सर्दी, खाँसी, बुखार की समस्या है तो नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्रों चिकित्सक से परामर्श लेकर उपचार ले। सभी स्वास्थ्य केन्द्रों पर पर्याप्त मात्रा में औषधि उपलब्ध है।
