कटनी (23 फरवरी )- शैक्षणिक संस्थानों की परीक्षाओं और शीघ्र होने वाली बोर्ड परीक्षाओं के मद्देनजर कटनी जिले की राजस्व सीमा के अंतर्गत दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 एवं मध्यप्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम के तहत अपर कलेक्टर रोमानुस टोप्पो ने प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है।
जारी प्रतिबंधात्मक आदेश के अनुसार कोई भी व्यक्ति समूह संस्था या अन्य पक्ष डी.जे. अथवा बैंड का संचालक बैंड डी.जे. ध्वनि विस्तारक यंत्र का उपयोग बिना अनुमति के नहीं करेगा। प्रत्येक को मध्यप्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 तथा द नोइज पालूशन नियम 2000 एवं ध्वनि प्रदूषण नियम 2010 के प्रावधानों का पूर्ण पालन करना आवश्यक होगा। निर्धारित परिवेशीय ध्वनि मानक से 10 डेसीबल से अधिक या ध्वनि करने वाले साउंड पूर्णतः प्रतिबंधित रहेंगे तथा साउंड सिस्टम निर्धारित ध्वनि मानक से 5 डेसिबल से अधिक उत्पन्न करने वाले साउंड सिस्टम प्रतिबंधित रहेंगे। किसी भी अनुमति कार्यक्रम के दौरान कोलाहल नियंत्रण अधिनियम का पालन किया जावे तेज आवाज में लाउडस्पीकर का उपयोग न किया जाए। कार्यक्रम में ध्वनि विस्तारक यंत्र से अभद्र अपशब्दों का प्रयोग न किया जावे, डीजे पूर्णतः प्रतिबंधित होगा।
किसी भी अनुमत्य कार्यक्रम में ध्वनि विस्तारक यंत्र का उपयोग रात्रि में 10 बजे तक ही किया जाए। इसके पश्चात रात्रि 10 बजे से प्रातः 6 बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्र का उपयोग पूर्णता प्रतिबंधित होगा। किसी भी चिकित्सालय, नर्सिंग होम, दूरभाष केंद्र, न्यायालय, शिक्षण संस्थान, शासकीय कार्यालय, बैंक आदि से 200 मीटर की दूरी के भीतर ध्वनि विस्तारक यंत्र का उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। शांति, कानून व्यवस्था तथा आमजन की सुरक्षा व सुविधा में संलग्न शासकीय कर्तव्य पर उपस्थित एवं ड्यूटीरत पुलिस, प्रशासनिक अधिकारियों एवं उनके वाहनों के लिए यह निर्देश लागू नहीं रहेंगे। कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने हेतु वैधानिक छूट प्राप्त होगी। जिले में पदस्थ अनुविभागीय दंडाधिकारी आवश्यक होने पर किसी पक्ष के आवेदन पर अपने-अपने क्षेत्र में संबंधित नगर पुलिस अनुविभागीय अधिकारी पुलिस परामर्श कर आवश्यक प्रतिबंध शर्तों सहित किसी कार्यक्रम एवं ध्वनि विस्तारक यंत्र की अनुमति प्रदान करने हेतु अधिकृत होंगे
कोई भी व्यक्ति जो मध्य प्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 में दिए गए प्रावधान तथा इस आदेश का उल्लंघन करेगा उसका कृत्य मध्य प्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम की धारा 15 (1)के अंतर्गत दंडनीय अपराध माना जाएगा। जिसके अंतर्गत 6 माह का कारावास अथवा जुर्माना जो कि एक हजार रुपए तक हो सकेगा या दोनों से दंडित किया जाएगा। अतिरिक्त ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण नियम 2000 के अंतर्गत अपराध पाए जाने पर पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 की धारा 15 के अंतर्गत 5 वर्ष की सजा या एक लाख रुपए अथवा दोनों से दंडित किया जाएगा।
इस आदेश का उल्लंघन भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा 188 के अंतर्गत दंडनीय अपराध होगा। कोलाहल अधिनियम के तहत जिले में पुलिस ने कार्यवाही भी करना शुरू कर दी है। कुठला पुलिस ने बुधवार की रात्रि 12 बजे डीजे साउंड सिस्टम जप्त किया है। यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
