सिलौंडी के समीपवर्ती ग्राम गोपालपुर में महाशिवरात्रि के पावन पर्व में मा विन्ध्वासिनी स्थान गोपालपुर में 23वी वर्ष गांठ के अवशर में यज्ञ एवं श्री मद्भागवत कथा पुराण महंत उदय नारायण शास्त्री के मुखारविंद से भागवत कथा में आज कृष्ण रुक्मणी विवाह की कथा सुनाई गई है ।
रुक्मणी जी विवाह के पहले ही भगवान कृष्ण को अपना पति मान लिया था । परंतु उनका भाई
शिशु पाल भगवान कृष्ण अपना शुत्र मानता था । वह श्री कृष्ण भगवान विवाह नही करना चाहता था ।इसलिए रुक्मणी जी ने एक पण्डित जी को दूत पत्र लिखकर भेजा भगवान श्री कृष्ण को हरण करने हेतु बुलाती है ।
भगवान श्री कृष्ण जी रुक्मणी के बुलावे पर उनके हरण को जाते है एवं रुक्मणी जी का हरण कर रुक्मिणी जी से विवाह करते है ।
मुख्य श्रोता भगवान का पूजन अर्चन करते है ।
इस अवसर पर युवक कांग्रेस मंडलम अध्यक्ष रवि अवस्थी ,मंडलम अध्यक्ष पिंटू तिवारी ,सरपंच प्रवीण तिवारी ,राजेन्द्र तिवारी ,छोटे महाराज ,मोहन सिंह बागरी ,शंकर लाल साहू ,चंद्र शेखर पटेल सहित सैकड़ों भक्त उपस्थित रहे है ।
