सिलौंडी:- कछारगांव बड़ा में 6 दिवसीय पंचकल्याणक महोत्सव में मुनि श्री प्रणम्य सागर महाराज और चंद्र सागर महाराज के निर्देशन में सभी क्रियाएं धार्मिक विधि विधान से पूरी की जा रही हैं।पंच कल्याण के दूसरे दिन गुरुवार को गर्भ कल्याणक के उत्तरार्ध की क्रियाएं की गईं। वहीं महोत्सव में दूसरे शहरों से भी लोगों का आवागमन शुरू हो गया है।गुरुवार सुबह से ही पूजन पाठ व हवन का सिलसिला शुरू हो गया था। नित्य अभिषेक, शांतिधारा ओर गर्भ कल्याणक पूजन के बाद विश्व शांति के लिए शांति हवन भी पूजा स्थल पर किया गया। भगवान के गर्भावतरण की धार्मिक क्रियाओं में मंचासीन इंद्र इन्द्राणियों ने महिला संगीत व माता की गोद भराई के सांस्कृतिक व पारंपरिक रस्मों में भाग लिया। दोपहर में धर्म क्रियाओं के लिए चयनित इंद्राणियों द्वारा मंगल कलश यात्रा भी निकाली गई। जो पंच कल्याणक स्थल से जैन मंदिर तक पहुंची। जहां मंत्रोच्चारित जल से मंदिर के शिखर, मंडप, वैदियों और फर्श का शुद्धीकरण किया गया। समाज के बालक- बालिकाओं द्वारा बेटी बचाओ पर मार्मिक नाटक की प्रस्तुति की गई।मंगल प्रवचन में मुनि श्री प्रणम्य सागर महाराज ने रामकथा में भगवान श्रीराम वनवास में सीता हरण की कथा सुनाई।पंच कल्याणक के इस मौके पर बड़ी संख्या में भक्तों की उपस्थिति रही।
