सीमा कैथवास की रिपोर्ट
नर्मदापुरम। नर्मदापुरम के सुप्रसिद्ध संत श्री शिरोमणि रामजी बाबा मेले में दुकान आवंटन को लेकर हुआ जमकर विवाद , बंद कमरे में विधायक प्रतिनिधि व पार्षदों का बैठक का दौर जारी। मीडिया ने पहले ही किया था अगाह दुकान आबंटन में हो सकता है विवाद ?मेले में स्क्रीय दलालों पर प्रशासन नहीं लगा पा रहा रोक बड़ा सवाल? आपको बता दे कि संत श्रीरामजी बाबा मेले में दुकान आबंटन को लेकर प्रशासन और दुकानदारों के बीच मचा हुआ है गहमा गहमी का दौर। बड़ा सवाल की किसके कहने पर पहले से दुकानदारों ने लेआउट पर किया कब्जा । मेले में दलाल सक्रिय हैं और इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता है कि बिना नियम कायदे के दुकानों का आवंटन पर कंट्रोल केसे होंगा। जिला प्रशासन ने तहसीलदार को मेले की जवाबदारी दी है ,
जिसके तहत आज नगर पालिका उपयंत्री रमेश चंद्र शुक्ला एवं नायब तहसीलदार ज्योति धोखे सहित नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारी दुकान आवंटन को लेकर रामजी बाबा मेला स्थल पर पहुंचे चूंकि राय मशवरा के बाद दुकान का आवंटन सर्वसम्मति से किया जाना था इसी बात को लेकर दुकानदार और प्रशासन के बीच झड़प हो गई । जिसके बाद आवंटन का कार्य पूर्ण रूप से बंद कर दिया गया और बंद कमरे में विधायक प्रतिनिधि और पार्षदगण बैठकर कर रहे हैं। अब देखते हैं कि मीडिया के माध्यम से पूर्व से ही दुकान आवंटन को लेकर मेले में हो रही
अनियमितता और दलालों की सक्रियता के विषय में आगह किया गया था लेकिन उसके बाद भी इस पर कोई खासा ध्यान नहीं रखा गया। जिससे आज मेले में गहमागहमी के माहौल को कंट्रोल करना मुश्किल नजर आ रहा है। दुकान आबंटन में दलाल सक्रीय है और दलाल दिलाने के नाम पर 5,5 हजार रुपए तक ले रहे है। दुकान आबंटन को लेकर जिम्मेदारों की अनदेखी के कारण मेले में व्यापारी और दुकानदार प्रशासन पर हुए हावी होते नजर आए। आखिर आस्था के मेले में नियम कायदे को क्यों दरकिनार किया जा रहा है ,जो दुकानदार मेले में दुकान आबंटन से पूर्व लेआउट में दुकान लगा रहे है। सूत्रो की मानें तो मेला ग्राउंड के लेआउट कि चयनित दुकानों के लिए दलालों के माध्यम से लगती है मनमानी बोली जिसको लेकर होता है अंदरूनी मूल विवाद??ऐसे दलालो पर वैधानिक कारवाई होना चाहिए जो मेले का माहोल खराब कर रहे है। अब देखते है केसे प्रशासन और मेला प्रबंधन मिलकर दुकान आबंटन निष्पक्ष करा पाएंगे या दलाल रहेंगे हावी??
