वैदिक संस्कृति सबसे प्राचीन विश्व संस्कृति है । इस वैदिक धर्म की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए विश्व कल्याण एवं रोग दोष शांति हेतु प्रतिवर्ष अनुसार इस वर्ष भी कटनी जिले की रीठी आर्य ग्राम छोटे बरेहटा
द्वारा रीठी थाने के पास, बाईपास तिराहा मैं 26 जनवरी से चल रही संगीतमय श्रीराम कथा एवं यज्ञ महोत्सव का कार्यक्रम कथा व्यास पूज्य पंडित कुलपति जी आर्य, ऋतस्पति परिव्राजक जी के करकमलों से आज एक फरवरी को
हवन पूजन, विशाल भंडारे और भरत मिलाप राज्य अभिषेक की कथा साथ श्रीराम कथा का हुआ समापन,,,,
यज्ञ महोत्सव के छटवे दिन उत्तरप्रदेश के मेरठ से पधारे कथावाचक परम पूज्य कुलदीप जी आर्य ने श्रीराम कथा मैं सैकड़ों की संख्या में मौजूद श्रोता गणों को भरत मिलाप और श्रीराम राज्यभिषेक की कथा का प्रसंग सुनाया । कथा के बाद वैदिक मंत्रों के उद्बोधन से वैदिक ब्रह्मदेव महायज्ञ में भक्तो ने यजमान बनकर आहुति देकर पुण्य लाभ अर्जित किया ।
वही श्रीराम कथा एवं यज्ञ महोत्सव के समापन की तैयारियां सुबह से ही आर्य भक्तों ने प्रारंभ कर दी थी । और वही 12 बजे से शाम 5 बजे तक विशाल भंडारे का प्रसाद पाने के लिए भक्तो की होड़ लगी रही ,,,।
हरिशंकर बेन
