*वोकल फॉर लोकल अपनाकर स्थानीय कारीगरों और महिला स्वसहायता समूहों को दें प्रोत्साहन,पर्यावरण अनुकूल एवं सुरक्षित दीपावली मनाने की अपील*
कटनी। दीपावली केवल दीपों से घर-आंगन रोशन करने का पर्व नहीं, बल्कि दूसरों के जीवन में खुशियों का उजियारा फैलाने और आपसी प्रेम, सद्भाव एवं भाईचारे को मजबूत करने का भी अवसर है। इस पावन पर्व पर हम अपने साथ उन लोगों की खुशियों का भी ख्याल रखें, जिन्हें हमारे थोड़े से सहयोग और अपनेपन की जरूरत है। कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने जिलेवासियों को दीपावली की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए सभी के सुख, शांति और समृद्धि की मंगलकामना की है।
कलेक्टर श्री तिवारी ने कहा कि दीपावली अंधकार पर प्रकाश और निराशा पर आशा की विजय का प्रतीक है। यह पर्व हमें सकारात्मकता, स्वच्छता और सद्भाव के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने नागरिकों से पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए सपरिवार उमंग और उत्साह से स्वच्छ, सुरक्षित और प्रदूषण मुक्त दीपावली मनाने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि ध्वनि उत्पन्न करने वाले पटाखों पर रात्रि 10 बजे से सुबह 6 बजे तक पूर्ण प्रतिबंध का पालन करें। केवल ग्रीन पटाखों का उपयोग करें तथा विद्युत सुरक्षा सहित सभी आवश्यक सावधानियां बरतें।
*स्थानीय कारीगरों के हुनर से रोशन हो दीपावली*
कलेक्टर ने वोकल फॉर लोकल और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने की अपील करते हुए कहा कि जिले के कुम्हारों द्वारा मिट्टी के आकर्षक दीये तथा महिला स्वसहायता समूहों द्वारा पूजन सामग्री, पूजा बाती और सजावटी वस्तुएं तैयार की जाती हैं। नागरिक दीपावली की खरीदारी में स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता दें। मिट्टी के दीयों को अपनाकर स्थानीय कारीगरों और महिला स्वसहायता समूहों के परिश्रम एवं हुनर का सम्मान करें। इससे स्थानीय रोजगार और अर्थव्यवस्था को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
*जरूरतमंद के घर भी पहुंचे दीपावली की खुशियां*
कलेक्टर श्री तिवारी ने कहा कि खुशियां बांटने से बढ़ती हैं। दीपावली का उल्लास तभी सार्थक होगा, जब समाज के वंचित और जरूरतमंद परिवार भी इस उत्सव में शामिल होकर खुशियों का अनुभव कर सकें। उन्होंने नागरिकों से अपने आसपास रहने वाले जरूरतमंदों के साथ खुशियां साझा करने, उनकी मदद करने और उनके जीवन में भी दीपावली का उजाला पहुंचाने की अपील की है।


