अधिकारियों को अवैध विज्ञापन होर्डिंग्स की जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई पर सवाल, आखिर किसके संरक्षण में फल-फूल रहा अवैध होर्डिंग्स का कारोबार?
कटनी (मध्यप्रदेश)। शहर की सुंदरता और स्वच्छता को लेकर एक ओर नगर निगम प्रशासन बड़े-बड़े दावे करता है, वहीं दूसरी ओर शहर के विभिन्न इलाकों में लगे अवैध विज्ञापन होर्डिंग्स इन दावों पर सवाल खड़े कर रहे हैं। शहर की सड़कों, चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर नजर आ रहे अवैध होर्डिंग्स न केवल शहर की खूबसूरती बिगाड़ रहे हैं, बल्कि नगर निगम की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान लगा रहे हैं।
हैरानी की बात यह है कि इन होर्डिंग्स की जानकारी संबंधित अधिकारियों को होने के बावजूद अब तक प्रभावी कार्रवाई नजर नहीं आ रही है। आखिर ऐसी क्या वजह है कि अवैध विज्ञापन लगाने वालों पर कार्रवाई करने में नगर निगम प्रशासन के कदम ठिठक रहे हैं?
क्या नियम सिर्फ आम नागरिकों के लिए हैं?
नगर निगम प्रशासन द्वारा समय-समय पर अतिक्रमण और अवैध विज्ञापनों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए जाते हैं, लेकिन शहर में लगातार नजर आ रहे अवैध होर्डिंग्स यह सवाल खड़ा कर रहे हैं कि आखिर इन पर कार्रवाई कब होगी?
क्या जिम्मेदार अधिकारियों को किसी बड़े हादसे या विवाद का इंतजार है? क्या अवैध होर्डिंग्स लगाने वालों को किसी का संरक्षण प्राप्त है? या फिर कार्रवाई के नाम पर केवल औपचारिकता निभाई जा रही है?
नगर निगम आयुक्त से उठ रहे सीधे सवाल
शहरवासियों की मांग है कि नगर निगम प्रशासन अवैध विज्ञापन होर्डिंग्स की निष्पक्ष जांच कराए। बिना अनुमति लगाए गए होर्डिंग्स को तत्काल हटाया जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना एवं नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
अब देखना यह होगा कि नगर निगम प्रशासन इन सवालों को गंभीरता से लेकर कार्रवाई करता है या फिर शहर की सुंदरता को बदरंग करने वाले अवैध होर्डिंग्स यूं ही जिम्मेदारों की नजरों के सामने लगे रहेंगे।
MP NEWS CAST की पड़ताल में बड़ा सवाल — जब अधिकारियों को सब पता है, तो कार्रवाई आखिर क्यों नहीं?


