रिपोर्टर सीमा कैथवास
नरवाई के बेहतर प्रबंधन हेतु बढ़ाई जाए कृषि यंत्रों की उलब्धता….
एसडीएम नहरों से पानी छोड़े जाने की सतत करे मॉनिटरिंग….
जल संसाधन विभाग राजस्व विभाग के साथ समन्वय कर रबी फसलों के लिए किसानों को उपलब्ध कराए समय पर पानी…
नर्मदापुरम। कलेक्टर आशीष वशिष्ठ ने जिले के समस्त अनुविभागीय अधिकारियों (राजस्व) के साथ बैठक आयोजित कर कृषि एवं कृषि से संबंधित विभिन्न कार्यों की समीक्षा की। बैठक में नरवाई प्रबंधन, आगामी रबी फसल के लिए सिंचाई जल की उपलब्धता,नहरों की साफ-सफाई एवं रखरखाव तथा किसानों को उर्वरक वितरण की व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि जिले में नरवाई प्रबंधन के लिए प्रभावी कार्ययोजना के तहत कार्य किया जाए। नरवाई जलाने पर लगाए गए प्रतिबंधात्मक आदेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराएं तथा उल्लंघन की स्थिति में संबंधितों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि किसानों को नरवाई प्रबंधन के लिए आधुनिक कृषि यंत्रों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। इसके लिए कस्टम हायरिंग सेंटर के माध्यम से आवश्यक कृषि यंत्र किसानों को उपलब्ध कराए जाएं। साथ ही नरवाई नहीं जलाने के संबंध में किसानों के बीच व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाए।
कलेक्टर ने आगामी रबी फसल के लिए सिंचाई जल की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी एसडीएम जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के साथ सतत समन्वय बनाए रखें। संभागीय जल उपयोगिता समिति में निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही नहरों में पानी छोड़ा जाए, ताकि किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए समय पर पर्याप्त पानी मिल सके। उन्होंने निर्देश दिए कि नहरों में पानी छोड़े जाने से पूर्व उनकी साफ-सफाई एवं आवश्यक रखरखाव का कार्य अनिवार्य रूप से पूरा कराया जाए। कलेक्टर ने सभी एसडीएम को नहरों की साफ-सफाई एवं रखरखाव कार्यों की स्वयं समीक्षा करने तथा नहरों से पानी छोड़े जाने की सतत मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जल संसाधन एवं राजस्व विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें, जिससे रबी फसल के दौरान किसानों को सिंचाई जल की उपलब्धता में किसी प्रकार की परेशानी न हो। कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने जिले में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश देते हुए कहा कि मार्कफेड के गोदामों एवं प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों को निर्धारित समय पर खोला जाए तथा किसानों 3को सुविधाजनक तरीके से खाद का वितरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने उर्वरक वितरण केंद्रों पर किसानों के बैठने एवं पेयजल की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए, ताकि खाद प्राप्त करने के दौरान किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।


