कलेक्टर श्री आशीष तिवारी की पहल से जिले में बढ़ा सरसों का रकबा, उत्पादन और उत्पादकता में भी दर्ज हुई वृद्धि
🔳कटनी – खेती को लाभकारी बनाने, किसानों की आय बढ़ाने और कृषि विविधीकरण को प्रोत्साहित करने की दिशा में कटनी जिले में किए जा रहे नवाचार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सराहा है। बलराम कृषि महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री ने कलेक्टर श्री आशीष तिवारी की पहल से जिले में सरसों की खेती के क्षेत्राच्छादन रकवे में हुई वृद्धि को कृषि क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव का उदाहरण माना।
कलेक्टर श्री तिवारी के मार्गदर्शन में किसानों को सरसों की खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसका असर जिले में सरसों के बढ़ते रकबे, उत्पादन और उत्पादकता के रूप में सामने आया है। आंकड़े बताते हैं कि सरसों की खेती अब जिले में विस्तार की नई राह पर आगे बढ़ रही है।
*तीन वर्षों में बढ़ा सरसों का दायरा*
वर्ष 2023-24 में जिले में सरसों का क्षेत्राच्छादन 13.5 हजार हेक्टेयर था। इस दौरान 19 हजार टन उत्पादन और 1410 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर उत्पादकता दर्ज की गई। वर्ष 2024-25 में रकबा बढ़कर 17.8 हजार हेक्टेयर, उत्पादन 26 हजार टन और उत्पादकता 1460 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर हो गई।
वर्ष 2025-26 में सरसों का रकबा 18.8 हजार हेक्टेयर पहुंचने, उत्पादन 28.3 हजार टन तथा उत्पादकता 1510 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर रहने का अनुमान है। इस तरह तीन वर्षों में सरसों की खेती का क्षेत्रफल और उत्पादन लगातार बढ़ा है।
*वैकल्पिक फसलों से समृद्धि की नई उम्मीद*
कलेक्टर श्री तिवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बताया कि जिले के आदिवासी अंचलों ढीमरखेड़ा, बहोरीबंद और बड़वारा क्षेत्र में किसान चिया और अश्वगंधा जैसी वैकल्पिक फसलों की खेती भी कर रहे हैं। इससे किसानों को पारंपरिक खेती के साथ नए विकल्प अपनाने का अवसर मिल रहा है।
सरसों सहित वैकल्पिक फसलों को प्रोत्साहन देने की यह पहल कृषि विविधीकरण को गति देने के साथ किसानों के लिए लाभ की नई संभावनाएं खोल रही है। मुख्यमंत्री ने कटनी कलेक्टर श्री तिवारी के इस प्रयास की सराहना करते हुए जिले में नवाचार आधारित खेती को बढ़ावा देने की दिशा में सराहनीय प्रयास बताया।
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