बड़वारा। कटनी जिले के विकासखंड बड़वारा की ग्राम पंचायत बडेरा में नाली निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर विवाद सामने आया है। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में कथित तौर पर घटिया सामग्री के इस्तेमाल और मानकों की अनदेखी के आरोप लगाए हैं। वहीं, निर्माण कार्य को लेकर ग्रामीणों और कर्मचारियों के बीच विवाद होने की बात भी सामने आई है। इस घटनाक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने का दावा किया जा रहा है।
पाइप और कंक्रीट की गुणवत्ता पर सवाल
ग्रामीणों का आरोप है कि नाली निर्माण में इस्तेमाल किए जा रहे पाइप की गुणवत्ता ठीक नहीं है और मामूली दबाव में उनके टूटने की स्थिति बन रही है। इसके अलावा, नाली की ढलाई में सीमेंट और कंक्रीट के उचित अनुपात का पालन नहीं किए जाने की आशंका भी जताई गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य में गुणवत्ता के मानकों की अनदेखी हुई, तो नाली की मजबूती और टिकाऊपन प्रभावित हो सकता है।
गुणवत्ता पर सवाल उठाने पर विवाद का आरोप
ग्रामीणों के मुताबिक, जब उन्होंने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाए और बेहतर सामग्री इस्तेमाल करने की मांग की, तो ठेकेदार के कर्मचारियों के साथ उनका विवाद हो गया। ग्रामीणों ने कर्मचारियों पर गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार करने के आरोप भी लगाए हैं। इस घटनाक्रम से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने की बात कही जा रही है। हालांकि, वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि और उसमें दिखाई दे रहे घटनाक्रम की आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।
जांच और कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि नाली निर्माण कार्य की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराई जाए। जांच पूरी होने तक आवश्यकतानुसार निर्माण कार्य पर रोक लगाई जाए तथा सामग्री की गुणवत्ता की जांच कराई जाए। यदि निर्माण में अनियमितता पाई जाती है, तो जिम्मेदार ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों ने कर्मचारियों पर लगाए गए अभद्रता के आरोपों की भी जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
अब प्रशासन की जांच पर टिकी निगाहें
सरकारी धन से कराए जा रहे निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना जरूरी है। ग्राम पंचायत बडेरा में नाली निर्माण को लेकर उठे सवालों पर अब प्रशासन का पक्ष और तकनीकी जांच की रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल, ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि तथा संबंधित विभाग का आधिकारिक बयान सामने आना बाकी है।


