बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद भी हितग्राहियों को नहीं दिया राशन, जांच में स्टॉक में पाया गया अंतर
कटनी (16 सितंबर) – विकासखंड ढीमरखेड़ा क्षेत्र की शासकीय उचित मूल्य दुकान घुघरी में 2 लाख 17 हजार 568 रुपये मूल्य के खाद्यान्न की हेराफेरी के मामले में कलेक्टर श्री आशीष तिवारी द्वारा सख्त कार्रवाई करने और प्राथमिकी दर्ज कराने के दिए गए कड़े निर्देश के बाद कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी ढीमरखेड़ा द्वारा बुधवार को राशन दुकान विक्रेता विनीता मिश्रा के विरुद्ध थाना ढीमरखेड़ा में भारतीय न्याय संहिता एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई है।
कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुवाई के दौरान प्राप्त शिकायत पर कलेक्टर ने त्वरित संज्ञान लेकर जांच कर कार्यवाही के निर्देश दिए थे। कलेक्टर के निर्देश पर कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी वंदना जैन ने दुकान की जांच की। दुकान का संचालन नरसिंह स्व-सहायता समूह घुघरी द्वारा किया जा रहा था। जांच के दौरान विक्रेता के प्रतिनीधि मोहित मिश्रा मौजूद रहे।
ई-पीडीएस और भौतिक स्टॉक में मिला बड़ा अंतर
जांच के दौरान ई-पीडीएस पोर्टल पर दर्ज स्टॉक का मौके पर उपलब्ध खाद्यान्न से मिलान किया गया। इसमें गेहूं 3847 किलोग्राम, चावल 2615 किलोग्राम कम पाया गया। जांच प्रतिवेदन में कम पाए गए खाद्यान्न के अपयोजन के जरिए अनैतिक लाभ अर्जित किए जाने की बात सामने आई तथा इसकी कुल कीमत 2 लाख 17 हजार 568 रुपये निर्धारित की गई। जांच के समय दुकान पर निर्धारित स्टॉक सूची और भाव सूची भी प्रदर्शित नहीं पाई गई।
बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद भी हितग्राहियों को नहीं मिला राशन
जांच के दौरान मौजूद हितग्राहियों द्वारका प्रसाद लोधी, छोटी ढीमर,अर्जुन लोधी, कांशीराम लोधी के कथन दर्ज किए गए। हितग्राहियों ने बताया कि विक्रेता ने मई और जून 2026 के राशन वितरण के लिए पीओएस मशीन पर उनका बायोमेट्रिक सत्यापन कराया, लेकिन पात्रतानुसार खाद्यान्न उपलब्ध नहीं कराया।
जांच में यह भी पाया गया कि दुकान में खाद्यान्न उपलब्ध होने के बावजूद हितग्राहियों को शासन द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार राशन वितरित नहीं किया गया।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली के नियमों का उल्लंघन
जांच में विक्रेता का कृत्य मध्यप्रदेश सार्वजनिक वितरण प्रणाली नियंत्रण आदेश, 2015 की कंडिका 11(1), 11(3), 13(2), 16 एवं 18 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 के तहत दंडनीय पाया गया। हितग्राहियों को उनके हक के खाद्यान्न से वंचित कर अवैधानिक लाभ अर्जित किए जाने के तथ्यों के आधार पर कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए।
निर्देश के पालन में कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी की शिकायत पर विनीता मिश्रा पति ब्रजमोहन मिश्रा निवासी घुघरी ढ़ीमरखेडा के विरुद्ध थाना ढीमरखेड़ा में धारा 318(4), 316(5) बीएनएस तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3 एवं 7 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है।


