‘विकास’ का दावा या जमीनी हकीकत? मुक्तिधाम तक सड़क नहीं, बारिश में शवयात्रा बनी चुनौती
उमरियापान:- उमरियापान के कुदवारी मोहल्ला स्थित मुक्तिधाम में अव्यवस्थाओं के कारण ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यहां न तो अंतिम संस्कार के लिए टीन शेड की व्यवस्था है और न ही मुक्तिधाम तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क। बारिश के दिनों में कच्चे रास्ते पर कीचड़ होने से लोगों के लिए मुक्तिधाम तक पहुंचना किसी चुनौती से कम नहीं है। ऐसे में खुले में अंतिम संस्कार करने को ग्रामीण मजबूर हैं। सोमवार को कुदवारी मोहल्ला निवासी मनोहर बर्मन (50)का आकस्मिक निधन हो गया। अंतिम संस्कार के लिए पहुंचे परिजनों, नाते-रिश्तेदारों और ग्रामीणों को कच्चे रास्ते में फैले कीचड़ से होकर मुक्तिधाम तक पहुंचना पड़ा। बारिश के कारण रास्ते की स्थिति खराब होने से लोगों को काफी परेशानी हुई। अंतिम संस्कार के दौरान भी लोगों को पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल सकीं।
झाड़ियों से घिरा परिसर, खुले में होता है अंतिम संस्कार:- मुक्तिधाम परिसर में साफ-सफाई का भी अभाव है।जगह-जगह झाड़ियां उग आई हैं। अंतिम संस्कार के लिए कोई सुव्यवस्थित स्थान नहीं होने से ग्रामीणों को खुले में ही अंतिम संस्कार करना पड़ता है। बारिश के दौरान अचानक मौसम खराब होने पर परिजनों और ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ जाती है। पर्याप्त स्थान और मूलभूत सुविधाएं नहीं होने के कारण अंतिम संस्कार में शामिल होने वाले लोगों को भी इधर-उधर खड़े रहना पड़ता है।
कई बार मांग के बाद भी नहीं हुआ निर्माण:- ग्रामीणों का कहना है कि कुदवारी मोहल्ले के मुक्तिधाम के निर्माण और विकास को लेकर कई बार जिम्मेदारों से मांग की जा चुकी है। इसके बावजूद अब तक यहां टीन शेड, पक्की सड़क और अन्य जरूरी सुविधाओं का निर्माण नहीं कराया गया। ग्रामीणों ने जिम्मेदारों से मुक्तिधाम का व्यवस्थित निर्माण कराने, पहुंच मार्ग को पक्का करने और परिसर की साफ-सफाई कराने की मांग की है, ताकि बारिश के दिनों में अंतिम संस्कार के लिए आने वाले लोगों को परेशानियों का सामना न करना पड़े।
रिपोर्टर राजेंद्र कुमार चौरसिया धीमरखेडा कटनी


