कटनी/बहोरीबंद। नाग पंचमी के पावन अवसर पर कटनी जिले की बहोरीबंद तहसील के ग्राम पंचायत कुआं स्थित शेषनाग धाम मंदिर में भव्य आरती और पूजन का आयोजन किया गया। धार्मिक आस्था से जुड़े इस प्राचीन मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और पूरा परिसर हर-हर महादेव एवं शेषनाग महाराज के जयकारों से गूंज उठा।
स्थानीय मान्यता के अनुसार यह मंदिर 100 वर्ष से अधिक पुराना है और क्षेत्र में नागदेवता की आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है। मंदिर से जुड़ी मान्यताओं के अनुसार यहां किसी व्यक्ति को सर्पदंश होने के बाद उसे मंदिर तक लाया जाए तो उसके जीवित बचने की बात कही जाती है। मंदिर समिति से जुड़े लोगों का दावा है कि यहां पुजारियों की समिति मंत्र साधना के माध्यम से विष के प्रभाव को दूर करने की परंपरा से जुड़ी हुई है।
मंदिर समिति के अध्यक्ष राममिलन नायक ने बताया कि शेषनाग धाम में नाग पंचमी के अलावा ऋषि पंचमी के दिन भी विशेष आयोजन किया जाता है। इस अवसर पर विशाल मेला, दंगल और विशेष पूजन का आयोजन होता है, जिसमें दूर-दराज से श्रद्धालु शामिल होते हैं।
मान्यता और आस्था से जुड़े इस धाम को लेकर ग्रामीणों में गहरी श्रद्धा है। समिति का कहना है कि ऋषि पंचमी के दिन होने वाले विशेष पूजन में शेषनाग महाराज की महिमा का अद्भुत दृश्य देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
⚠️ नोट: सर्पदंश की स्थिति में धार्मिक मान्यताओं के साथ-साथ तुरंत चिकित्सकीय उपचार लेना बेहद जरूरी है। मंदिर से जुड़े विष दूर करने के दावों को चिकित्सकीय तथ्य के रूप में नहीं, बल्कि स्थानीय मान्यता के रूप में देखा जाना चाहिए।


