*योगेश गजभिये पांढुरना*.सौसर श्री बागेश्वर धाम पीठ के पीठाधीश्वर श्री धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के पावन जन्मोत्सव के शुभ अवसर पर ‘श्री बागेश्वर धाम वनवासी शिष्य मंडल जाम सांवली धाम’ और ‘श्री शिवराय संगठन’ द्वारा संयुक्त रूप से विभिन्न सेवा कार्यों का आयोजन किया गया। इस दौरान वनवासी क्षेत्र के जरूरतमंद विद्यार्थियों को शिक्षा सामग्री और मिष्ठान वितरित कर पूज्य सरकार का जन्मदिन बेहद हर्षोल्लास और आत्मीयता के साथ मनाया गया।
हनुमान मंदिर में गूंजा चालीसा का पाठ, रोपे पौधे
कार्यक्रम का शुभारंभ सर्वप्रथम बेलगांव स्थित श्री बाल हनुमान मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुआ। यहाँ बागेश्वर धाम वनवासी शिष्य मंडल के प्रभारी नरोत्तम भाई पटेल, वामन उइके, श्री शिवराय संगठन के अध्यक्ष प्रदीप बिघाने और महाशिवोत्सव समिति के अध्यक्ष पवन बोड़खे सहित उपस्थित पदाधिकारियों व श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया और पूज्य सरकार के उत्तम स्वास्थ्य व दीर्घायु की कामना की। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए मंदिर परिसर में सघन वृक्षारोपण भी किया गया।
बच्चों के चेहरे पर लौटी मुस्कान:
धार्मिक अनुष्ठान के पश्चात सभी पदाधिकारी और कार्यकर्ता ग्राम मर्राम पहुंचे। यहाँ स्थित प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च विद्यालय के वनवासी क्षेत्र के विद्यार्थियों को आगामी शिक्षा सत्र की तैयारी के लिए आवश्यक शिक्षा सामग्री (कॉपी, किताबें व स्टेशनरी) और मिष्ठान का वितरण किया गया। नई अध्ययन सामग्री पाकर बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे।
इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति:
इस पुनीत कार्य के अवसर पर हाईस्कूल के प्राचार्य वासुदेव शिंदे, प्राथमिक विद्यालय के प्राचार्य विलास गाडगे, शिक्षकगण कमलेश डेहरिया, सीमा दुफ़ारे, अंकित घाघरे, रविन्द्र उइके और विजय रिवस्कर मुख्य रूप से उपस्थित रहे। साथ ही मातृशक्ति में नमिता खंडाइत, नोमिता खंडाइत, प्रगति दवंडे, प्रीति दवंडे, कियारा दवंडे सहित श्री बागेश्वर धाम वनवासी शिष्य मंडल के पदाधिकारी देवा सावनकर, ज्ञानेश्वर खण्डाइत, अजय धूरड़े, तुषार सरोदे, आयुष जैन, निखिल जुंघरे, सागर अकोटकर, सौरभ गोखे, विजय पिंपलकर, अगस्त्य राउत, अजय पाडोले, अजय बेंडे, अक्षय धागे, भांजा, हर्षल कुकडे, हिमांशु चौधरी, ललित गावंडे, लकी वाडेकर, मनोज, मोहित जैन, चेतन बोबडे, निश्चय गायकवाड़, पीयूष जैन, प्रतीक सरोदे, प्रियांश बडवाईक, रोशन, संदेश खडसे, उत्कर्ष दवंडे, विनय, आदित्य दवंडे सहित दोनों संगठनों के समस्त पदाधिकारी, सदस्य और ग्रामीण जन बड़ी संख्या में मौजूद थे।


