*योगेश गजभिये पांढुरना*.राज्य शासन द्वारा संचालित साप्ताहिक जनसुनवाई कार्यक्रम के अंतर्गत प्रत्येक मंगलवार को आम नागरिकों की समस्याओं के निराकरण के लिए सुनवाई की जाती है। इसी क्रम में मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय पांढुर्णा के सभाकक्ष में जनसुनवाई का आयोजन किया गया। जनसुनवाई में अपर कलेक्टर नीलमणि अग्निहोत्री ने 15 आवेदकों की समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सुना तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों को उनके त्वरित एवं प्रभावी निराकरण के लिए आवश्यक निर्देश दिए।
जनसुनवाई में जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों सहित दूरस्थ अंचलों से आए नागरिकों ने अपनी विभिन्न समस्याओं एवं मांगों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। प्राप्त आवेदनों में भूमि सीमांकन, भू-अधिकार पट्टा उपलब्ध कराने, संबल योजना का लाभ दिलाने, खसरा-नक्शा दुरुस्ती, सड़क, अतिक्रमण तथा स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े प्रकरण प्रमुख रूप से शामिल रहे।
जनसुनवाई के दौरान ग्राम कोंढर उर्फ रोडीखेड़ा निवासी रामदास उईके ने शासकीय भूमि का पट्टा प्रदान किए जाने संबंधी आवेदन प्रस्तुत किया। वहीं संतोषी माता वार्ड पांढुर्णा निवासी शैलेन्द्र पाटिल ने आवासीय भूमि का सीमांकन नहीं होने की समस्या रखी। मोहगांव निवासी मनोरमा पार्वेकर ने दिनांक 29 मार्च 2014 को प्रथम अपर जिला न्यायाधीश द्वारा पारित आदेश के अनुसार खसरा नंबर 189, रकबा 0.024 हेक्टेयर, मौजा मोहगांव हवेली नगर पंचायत क्षेत्र की भूमि के राजस्व अभिलेखों में अपना नाम दर्ज किए जाने संबंधी आवेदन प्रस्तुत किया।
इसी प्रकार ग्राम सावजपानी पोस्ट कोन्दाली निवासी सोनूलाल वरही ने वनाधिकार अधिनियम, 2006 के तहत कृषि भूमि के विभागीय स्वामित्व की जांच एवं पट्टा आवंटन की मांग की। ग्राम कोंढर उर्फ रोडीखेड़ा निवासी मनोहर कुमरे ने भी शासकीय भूमि का पट्टा प्रदान किए जाने संबंधी आवेदन दिया। ग्राम कौड़िया निवासी श्रीमती रानी कवेरिया ने संबल योजना की राशि स्वीकृत होने के बावजूद प्राप्त नहीं होने की शिकायत दर्ज कराई। वहीं ग्राम सिवनी के ग्रामीणों ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ डॉक्टर की नियमित ड्यूटी सुनिश्चित किए जाने संबंधी आवेदन प्रस्तुत किया।
जनसुनवाई में संयुक्त कलेक्टर मेघा शर्मा एवं नेहा सोनी, एसडीएम अलका एक्का, प्रभारी तहसीलदार पांढुर्णा प्रेक्षा पाठक, प्रभारी जनपद पंचायत सीईओ पांढुर्णा विनय प्रकाश ठाकुर सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने प्राप्त आवेदनों पर सुनवाई कर नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।


