कटनी। जिला मुख्यालय से सटे बड़वारा थाना क्षेत्र के उमंगनगर में प्रशासनिक सुस्ती और दबंगों की प्रताड़ना से तंग आकर एक 58 वर्षीय बुजुर्ग किसान द्वारा आत्मघाती कदम उठाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। उमंगनगर निवासी चंद्रभान महोबिया (पिता भेला प्रसाद महोबिया) ने कीड़ा मारने वाली जहरीली दवा का सेवन कर लिया। गंभीर हालत में उन्हें जिला अस्पताल से निजी अस्पताल रेफर किया गया है, जहां वे फिलहाल जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं।
*भावुक सुसाइड नोट में बयां किया दर्द*
जहर खाने से पहले किसान चंद्रभान ने एक बेहद भावुक सुसाइड नोट लिखा। नोट में उन्होंने साफ तौर पर लिखा, “हम आगे नहीं जीना चाहते। अतः हम अपनी स्वेच्छा से आत्महत्या कर रहे हैं। पुलिस प्रशासन से निवेदन है कि हमारे परिवार के किसी भी सदस्य को अनावश्यक परेशान न किया जाए।” इसी नोट में उन्होंने अपनी इस स्थिति के लिए अपने पैतृक गांव भानपुरा के दबंगों— भूरा, जगमोहन, कल्लू, जग्गू और अर्जुन को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है। किसान के मुताबिक, ये लोग उन्हें लंबे समय से मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे।
*पैतृक जमीन पर जबरन कब्जे का आरोप, सिस्टम पर सवाल*
पीड़ित किसान के पुत्र चंद्रकांत महोबिया ने बताया कि जिन लोगों के नाम सुसाइड नोट में हैं, वे सभी दबंग प्रवृत्ति के हैं और उनकी पैतृक जमीन पर जबरन कब्जा कर रहे हैं। सबसे गंभीर बात यह है कि पीड़ित ने अपनी जमीन बचाने के लिए बड़वारा तहसील, बड़वारा थाना और यहां तक कि पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय में भी लिखित शिकायतें दी थीं, लेकिन समय रहते सिस्टम ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, जिससे परेशान होकर बुजुर्ग को यह कदम उठाना पड़ा।
*जांच के बाद होगी सख्त कार्रवाई: एएसपी*
मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) संतोष कुमार डेहरिया ने मीडिया को बताया कि इस मामले की शिकायत पहले भी प्राप्त हुई थी, जिसकी जांच के लिए संबंधित थाने को निर्देशित किया जा चुका था। एएसपी ने आश्वासन दिया है कि यदि सुसाइड नोट और शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो दोषियों के खिलाफ सख्त वैधानिक दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।


