रिपोर्टर सीमा कैथवास
नर्मदापुरम। नर्मदापुरम में विवेकानंद घाट पर नर्मदा नदी किनारे बन रहे भवन निर्माण पर प्रशासन ने बुधवार को रोक लगा दी है। खबर की जानकारी लगते ही अब निर्माण कार्य पर रोक लगाई जाने के बाद हड़कंप मच गया है कि आखिर यहां हो रहे निर्माण की परमिशन किसने और कैसे दी? वहीं जारी आदेश के अनुसार तहसीलदार नर्मदापुरम नगर जिला नर्मदापुरम के पारीत आदेश क्रमांक 197 दिनांक 27/05/2026 के तहत नर्मदापुरम नगर के अंतर्गत नजूल शीट क्रंमाक 46 प्लाट नंबर 03 के 900 वर्ग के निर्माणाधीन सदा व्रत भवन अनावेदक अध्यक्ष उमाशंकर चौबे, जनभागीदारी समिति, विवेकानंद घाट नर्मदापुरम को निर्माण कार्य पर आगामी आदेश तक रोक लगाई गई है। उक्त निर्माण नजूल सीट नंबर 46 प्लॉट नंबर 2/1 रकवा 82234 वर्गफीट भूमि भूखंडधारी आ. कादिर आ. हफ़ीज़ पिता रज्जाक वगैरा के नाम की भूमि में से प्लॉट नंबर 3 में से रकबा लगभग 900 वर्ग फीट पर निर्माण कार्य हो रहा है। निर्माण कार्य पर रोक के उपरांत यह बात सामने आ रही है कि विवेकानंद घाट पर गंगा दशहरे के अवसर पर जल गंगा संवर्धन अभियान कार्यक्रम में प्रदेश के परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह के आगमन पर नगरपालिका प्रशासन और जिला प्रशासन के अधिकारियों को उक्त निर्माण कार्य संज्ञान में आया। वहीं नगर पालिका सीएमओ द्वारा बताया गया कि इस विषय को उनके द्वारा संज्ञान लिया गया। जबकि उपयंत्री रीना गुप्ता से एक दिन पूर्व जानकारी लेने पर बताया गया था कि उन्हें इस विषय की जानकारी नहीं है, संज्ञान लेती हूँ। दूसरी तरफ बताया जाता है कि नर्मदा नदी किनारे 300 मीटर के दायरे में निर्माण पर प्रतिबंध है। उसके बावजूद नर्मदा किनारे भवन निर्माण होता रहा और किसी को निर्माण कार्य की जानकारी तक नहीं होना बड़े सवाल खड़े होते हैं? यह भी सवाल खड़े होते हैं कि उक्त भवन निर्माण के उपरांत यहां होने वाले निस्तार (शौचालय) का प्रबंध कहां किया जाएगा? और कैसे ऊपरी क्षेत्र में भवन का गंदा पानी निकासी होगी? दूसरी तरफ यहीं पर नर्मदा किनारे निर्मित हो रहे भवन के ऊपर लैंड स्लाइडिंग के हालात निर्मित है,
जहां पर नगर पालिका प्रशासन द्वारा बैरिकेट्स लगाकर रहवासियों को सचेत भी किया गया है। ऐसे में कैसे और किसके आदेश पर यह निर्माण कार्य होता रहा? बताया जाता है कि नर्मदा किनारे हो रहे उक्त निर्माण कार्य की जानकारी कलेक्टर तक भी पहुंची। इसके बाद प्रशासन ने उक्त मामले को संज्ञान लेते हुए अतिरिक्त तहसीलदार नमर्दापुरम द्वारा आगामी आदेश तक उक्त निर्माण कार्य पर रोक लगा दी गई है।


