पशुपालकों के लिए खुशखबरी! कलेक्टर तिवारी का बड़ा ऐलान
कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने कहा कि पशुपालकों का आधारभूत सर्वेक्षण, पशुओं का शत-प्रतिशत टैगिंग और बधियाकरण, कृत्रिम गर्भाधान, नियमित टीकाकरण सहित चारागाह विकास और पशु अपशिष्ट के समुचित प्रबंधन हेतु पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, वन विभाग एवं कृषि एवं किसान कल्याण विभाग सहित विभिन्न विभागों से समन्वय कर योजनाबद्घ तरीके से कार्य करें। कलेकटर श्री तिवारी ने यह निर्देश शुक्रवार को पशुपालन एवं डेयरी विभाग की क्षीरधारा समन्वय समिति, नेशनल डिजिटल लाइव स्टॉक मिशन, जिला गोपालन गौसंवर्धन समिति, जिला पशु क्रूरता निवारण समिति और जिला रोगी पशु कल्याण समिति की समीक्षा बैठक में दिये।
इस दौरान जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर और वनमंडलाधिकारी गर्वित गंगवार भी मौजूद रहे।
दुग्ध उत्पादन को 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का लक्ष्य
बैठक में कलेक्टर श्री तिवारी ने ‘क्षीरधारा ग्राम योजना’ की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि जिले में दुग्ध उत्पादन को 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक ले जाया जाए। क्षीरधारा योजना के प्रथम चरण में 75 ग्रामों का चयन किया गया है, जिनमें वृंदावन ग्राम और वन विभाग से सटे 12 गांव शामिल हैं।
डिजिटल होगा पशुपालन की गतिविधियों का पूरा रिकॉर्ड
नेशनल डिजिटल लाइव स्टॉक मिशन के तहत अब पशुपालन की समस्त गतिविधियों जैसे पंजीकरण, टीकाकरण और कृत्रिम गर्भाधान की डिजिटल एंट्री की जाएगी। कलेक्टर श्री तिवारी ने सभी पशु चिकित्सालयों और औषधालयों की मैपिंग करने और नियमित रिपोर्टिंग के निर्देश दिए।
वन क्षेत्रों में पशुओं को मिलेगी नि:शुल्क चराई की सुविधा
बैठक में उपस्थित वन मंडलाधिकारी श्री गर्वित गंगवार ने बताया कि 20 पशुओं तक की इकाई को चिन्हित चारागाह क्षेत्रों में नि:शुल्क चराई की सुविधा है। कुछ नए क्षेत्र और चिन्हित किये जाएगें। इसके साथ ही उन्होंने वन क्षेत्रों में संक्रामक और जूनोटिक बीमारियों को रोकने हेतु पशुओं के साथ-साथ कुत्तों के लिए भी रेबीज और केनाइन डिस्टेंपर टीकाकरण का सुझाव दिया।
विभागीय समन्वय से करें कार्य
बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्रीमती कौर ने स्व-सहायता समूहों, ग्राम सचिवों और कृषि सखियों के बीच समन्वय बनाकर वृंदावन ग्रामों में कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कृषि विभाग की कृषि सखियों को पशुपालन विभाग की पशु सखियों एवं मैत्री कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय बनाकर चारागाह विकास, पशु अवशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में कार्य करने हेतु निर्देशित किया।
गौवंश संरक्षण और पशु कल्याण पर विशेष जोर
बैठक में गौशालाओं के लिए अनुदान राशि का अनुमोदन किया गया। साथ ही, आगामी वर्षा ऋतु को देखते हुए गौशालाओं में अतिरिक्त गौवंश रखने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
जिला पशु कल्याण समिति की बैठक में स्थानीय दानदाता ‘श्री गौशाला कटनी’ द्वारा जिला पशु चिकित्सालय में घायल लावारिस गौवंश के उपचार हेतु एक पशु शेड निर्माण की अनुमति प्रदान की गई।
पशु क्रूरता निवारण समिति ने निर्णय लिया कि सड़कों पर बैठने वाले और घायल पशुओं के लिए पुलिस एवं नगर निगम की संयुक्त पेट्रोलिंग की जाएगी ताकि दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
बैठक में उपसंचालक कृषि अरुणिमा सेन आयंगर, उपसंचालक पशुपालन डॉ. आर.के. सोनी, सिविल सर्जन डॉ. सुमंत वर्मा, नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी संजय सोनी सहित पुलिस, लोक निर्माण विभाग और मंडी के अधिकारी उपस्थित रहे।


