कटनी जिले का रीठी का सरकारी अस्पताल हमेशा से गंभीर आरोपों के घेरे में रहा है। यहाँ की बदहाल व्यवस्था, घंटों इलाज के इंतजार में भटकते मरीज और कर्मचारियों का मनमाना रवैया कई सवाल खड़े कर रहा है।
सूरज की तपन और बढ़ती गर्मी के साथ साथ मरीजों की संख्या भी दिन पे दिन बढ़ती जा रही है
उसके बावजूद भी अस्पताल प्रबंधक और जिम्मेदारी सौंपी गई डॉक्टरों की कुर्सीया ओपीडी मैं खाली पाई जाती है l
मरीजों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए नेत्र सहायक चिकित्स,एमपीडब्ल्यू और सुपरवाइजर ओपीडी पर्ची लिखने को मजबूर हैं l जबकी अक्सिमिक होने वाली घटनाओं से पीड़ित मरीजों को अस्पताल मैं भर्ती एक डॉक्टर ही कर सकता है l
वहीं 23 अप्रैल को ग्राम सिमराकला मैं सुबह लगभग 10 बजे ग्राम कुदरी से वृंदावन प्रजापति मोटर साइकिल से अपनी सीमा, पुत्री,साइना और पुत्र लक्ष्मीनारायण प्रजापति को लेकर देवी पूजन हेतु जा रहे थे की तभी रीठी की ओर से आ रही मोटर साइकिल क्रमांक एमपी 21ZD2801 ने सामने से जोरदार टक्कर मारी l जिससे वाहन चालक सहित पत्नी और बच्चों को गंभीर चोट आई जिन्हे रीठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज हेतु लाया गया था l परंतु डॉक्टर नदारत होने के कारण रस्म अदायगी करते हुए उनकी मलहम पट्टी कर दी गई l
अस्पताल में स्थिति यह है कि हर कर्मचारी यहां खुद को बीएमओ समझकर काम कर रहा है। जिम्मेदारी तय नहीं है और मरीजों की समस्याओं पर कोई गंभीरता नजर नहीं आती।
यहां एक ही पलंग पर दो महिलाओं को एक साथ लिटाकर ड्रिप लगाई जा रही हैl
जबकि वार्ड मैं पलंग खाली पड़े हुए थे l
अस्पताल की हालत और वहां की व्यवस्था खुद ही इस बात की गवाही दे रही है कि यहां कुछ ठीक नहीं है। जरूरत है सख्त जांच और तत्काल कार्रवाई की, ताकि आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
हरिशंकर बेन


