कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने बुधवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में राजस्व अधिकारियों के कार्यों की समीक्षा करते हुये कहा कि गंभीरता एवं प्राथमिकता के साथ राजस्व कार्यों और प्रकरणों के निराकरण में तेजी लाना सुनिश्चित किया जाय। वसूली कार्य में बेहतर प्रगति लायें। वित्तीय वर्ष की समाप्ति के पूर्व वसूली के लिये निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति सुनिश्चित हो अन्यथा संबंधितों के विरूद्ध कार्यवाही के लिये बाध्य होना पड़ेगा। यह निर्देश कलेक्टर श्री तिवारी ने राजस्व अधिकारियों के कार्यों की बिंदुवार समीक्षा के दौरान दिये। इस मौके पर अपर कलेक्टर श्री नीलांबर मिश्रा मौजूद रहे।
कलेक्टर श्री तिवारी ने राजस्व अधिकारियों को उनके लिये निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप वित्तीय वर्ष की समाप्ति के पूर्व राजस्व वसूली का शत-प्रतिशत निर्धारित लक्ष्य हासिल करने की हिदायत दी।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नजूल भूमि से स्वीकृत पट्टे जिनमें वसूली का कार्यवाही शेष है, उन प्रकरणों में शीघ्र वसूली सुनिश्चित हो। इसी प्रकार पुनर्वास भूमि में पूर्व में स्वीकृत पट्टे जो आवासीय प्रयोजन हेतु स्वीकृत किये गये थे और यदि वर्तमान में भी यह पट्टे आवासीय प्रयोजन के हैं तो इनके नवीनीकरण की कार्यवाही की जाय।
कलेक्टर श्री तिवारी ने सभी एसडीएम और तहसीलदारों को दो-टूक निर्देश दिया कि राईस मिल, वेयरहाउस, निजी अस्पताल, पेट्रोल पंप, मॉल और व्यावसायिक शोरूमों के ऊपर लंबित वसूली का कार्य किया जाय। इसके लिये अतिरिक्त दल गठित कर कार्यवाही सुनिश्चित कराने के निर्देश अपर कलेक्टर श्री मिश्रा को दिये गये।
कलेक्टर ने राजस्व न्यायालयों में लंबित दो से पांच वर्ष और एक से दो वर्षों के लंबित राजस्व प्रकरणों के शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिये
तहसीलदार को अवैतनिक व नायब तहसीलदार को नोटिस जारी
समीक्षा के दौरान राजस्व प्रकरणों के निराकरण में अत्यंत कम प्रगति पाये जाने पर कलेक्टर श्री तिवारी ने अप्रसन्नता व्यक्त करते हुये नायब तहसीलदार सिंगौड़ी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निदेश दिए। इसी प्रकार राजस्व अधिकारियों की बैठक में अत्यंत विलंब से उपस्थित होने पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त करते हुये तहसीलदार नजूल नेहा जैन को एक दिन अवैतनिक करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने सीमांकन, बटवारा और नामांकन प्रकरणों में सभी एसडीएम को अपने अधीनस्थ न्यायालयों की औचक जांच कर तेजी लाने की हिदायत दी। वहीं कलेक्टर ने नामांतरण प्रकरणों की समीक्षा के दौरान कहा कि जिन राजस्व न्यायालयों की नामांतरण प्रकरणों में प्रगति 90 प्रतिशत से कम हैं, वे और अधिक तेजी लाकर प्रगति लायें।
बैठक में संयुक्त कलेक्टर जितेन्द्र पटेल, डिप्टी कलेक्टर प्रदीप मिश्रा, विंकी सिंहमारे उईके, ज्योति लिल्हारे, एसडीएम ढ़ीमरखेड़ा निधि सिंह गोहल, एसडीएम कटनी प्रमोद कुमार चतुर्वेदी, एसडीएम बहोरीबंद राकेश कुमार चौरसिया और एसडीएम विजयराघवगढ़ विवेक गुप्ता सहित सभी तहसीलदार और नायब तहसीलदार उपस्थित रहें।


