कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत हर घर तक जल पहुंचाना योजना का अहम उद्देश्य है। इसलिए इसके मैदानी क्रियान्वयन में शिथिलता और लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा और जवाबदेही तय करते हुये कार्यवाही की जायेगी। कलेक्टर ने कहा कि कार्य में वांछित प्रगति के लिये रूचि नहीं लेने और सुस्त व लचर कार्यप्रणाली वाले ठेकेदारों को ब्लैक लिस्टेड करने की कार्यवाही करें। इसके साथ ही गंभीर किस्म की कोताही बरतने वाले ठेकेदारों के विरूद्ध एफआईआर भी दर्ज कराई जाय। कलेक्टर श्री तिवारी ने यह निर्देश बुधवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुये दिया।
बैठक में जिला पंचायत की सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर, सभी एसडीएम, सभी जनपद पंचायतों के सीईओ, नगर निगम जल प्रदाय के अधिकारी तथा लोकस्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री पवनसुत गुप्ता सहित पीएचई विभाग के सहायक यंत्रियों व उप यंत्रियों की मौजूदगी रही।
कलेक्टर श्री तिवारी ने जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक में जल जीवन मिशन योजनांतर्गत वर्तमान में पूर्ण हो चुकी सभी नल जल प्रदाय योजनाओं का ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित करने के निर्देश दिये। उन्होंने बंद और बिगड़े हैंडपंप तथा जिन हैंडपंपों का जलस्तर गर्मी की वजह से कम हो गया है, उनके सुधार और मरम्मत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। बताया गया कि सभी 6 विकासखंडों में 166 सुधार योग्य और 402 ऐसे हैंडपंप है जिनका जलस्तर कम हो गया है। कलेक्टर ने तत्काल कम जल स्तर वाले हैंडपंपों में राइजर पाइप डालकर हैंडपंपों की गहराई बढ़ाने और सभी बिगड़े व मरम्मत योग्य हैंडपंपों में सुधार करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर श्री तिवारी ने एसडीएम सहित सभी अधिकारियों को पेयजल समस्या के निराकरण करने हेतु स्थापित कंट्रोल रूम को जिला स्तर, अनुविभाग स्तर और विकासखंड स्तर पर सक्रिय करने के निर्देश दिये। कलेक्टर ने कहा कि ग्रामीणो से प्राप्त शिकायतों का त्वरित निराकरण किया जाना सुनिश्चित हो, ताकि ग्रीष्मकाल के मद्देनजर गांवों में पेयजल की समस्या का सामना ग्रामीणों को न करना पड़े।
कलेक्टर श्री तिवारी ने कहा कि जिले के बहोरीबंद और रीठी विकासखंडों के जिन गांवों में ग्रीष्म ऋतु में जल स्त्रोत सूख जाते हैं, उन गांवों में परिवहन कर पेयजल मुहैया कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाये।
कलेक्टर ने कार्यपालन यंत्री पीएचई श्री गुप्ता को निर्देशित किया कि वे सीएम हेल्पलाइन में पेयजल से संबंधित शिकायतों और विशेषकर हैंडपंपों के सुधार व मरम्मत से संबंधित शिकायतों का प्रमुखता से निराकरण कराया जाना सुनिश्चित करें।
बैठक में कार्यपालन यंत्री श्री गुप्ता द्वारा अवगत कराया गया कि जल जीवन मिशन अंतर्गत जिले में कुल 893 ग्राम हैं, जिसमें 683 ग्रामों मे एकल ग्राम नल जल योजना का कार्य लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा किया जा रहा है। 683 ग्रामों मे एकल ग्राम नल जल योजना मे 469 ग्रामों के मूल स्वीकृत योजना का कार्य पूर्ण कर दिया गया हैं, जिसमें 333 योजनाए ग्राम पंचायत को हस्तांतरित की जा चुकी है। 187 योजना का कार्य प्रगतिरत हैं एवं 26 योजनाओं का कार्य स्त्रोत प्राप्त नहीं होने से अप्रारम्भ हैं।


