पांढुर्णा /11 मार्च 2026/ उपसंचालक पशुपालन एवं डेयरी विभाग डॉ. एच.जी.एस. पक्षवार द्वारा जानकारी दी गई कि कलेक्टर पांढुर्णा के निर्देशानुसार डॉ. पक्षवार द्वारा जिले के विभिन्न पशु चिकित्सा संस्थानों एवं योजनाओं का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान सर्वप्रथम पशु चिकित्सालय सिराठा का निरीक्षण किया गया, जहां समस्त स्टाफ उपस्थित पाया गया। संस्था द्वारा किए गए कृत्रिम गर्भाधान, गर्भ परीक्षण एवं वत्सोत्पादन से संबंधित कार्यों की ऑनलाइन एंट्री शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
इसके पश्चात पशु औषधालय नांदनवाड़ी का निरीक्षण किया गया। यहां भी निरीक्षण के दौरान समस्त स्टाफ उपस्थित पाया गया तथा संस्था द्वारा किए गए कृत्रिम गर्भाधान, गर्भ परीक्षण एवं वत्सोत्पादन के कार्यों की ऑनलाइन एंट्री पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
इसके पश्चात डॉ. पक्षवार द्वारा क्षीरधारा योजना के अंतर्गत ग्राम नांदनवाड़ी रैयत में पशुपालक श्री मनोहर बंधाने के पशुओं का निरीक्षण किया गया तथा सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी को बेसलाइन सर्वे के संबंध में आवश्यक निर्देश प्रदान किए गए। इसके बाद राष्ट्रीय पशुधन मिशन (एन.एल.एम.) योजना अंतर्गत विकासखण्ड सौंसर के ग्राम पीपलानारायणवार में बकरीपालन से जुड़े हितग्राहियों श्री संतोष हिंगवे एवं श्री प्रवीण लामसे के यहां निरीक्षण किया गया तथा उनके अभिलेखों का सत्यापन किया गया।
इसके उपरांत विकासखण्ड सौंसर के कृत्रिम गर्भाधान केन्द्र में विकासखण्ड के पशु चिकित्सा विस्तार अधिकारी, समस्त पशु चिकित्सकों, सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारियों, गौसेवकों एवं मैत्री की उपस्थिति में विकासखण्ड स्तरीय विभागीय कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में कृत्रिम गर्भाधान, गर्भ परीक्षण एवं वत्सोत्पादन से संबंधित कार्यों की ऑनलाइन एंट्री समय पर करने तथा केसीसी पशुपालन के शत-प्रतिशत लक्ष्य को पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
इस अवसर पर डॉ. छत्रपाल टांडेकर, जिला नोडल अधिकारी सार्थक एप द्वारा उपस्थित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारियों को सार्थक एप में अटेंडेंस दर्ज करने की प्रक्रिया के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने विभागीय क्षेत्रीय अमले को बताया कि दौरे के दौरान सार्थक एप में किस प्रकार अटेंडेंस लगानी है तथा चेक-इन और चेक-आउट करते समय किन महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना आवश्यक है। साथ ही डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना के अंतर्गत जिन प्रकरणों को पूर्ण कर बैंकों में जमा कर दिया गया है, उनकी शीघ्र स्वीकृति सुनिश्चित कराने के लिए संबंधित पशु चिकित्सकों को आवश्यक निर्देश भी प्रदान किए गए।
*संवाददाता शुभम सहारे छिंदवाड़ा*


