मध्य प्रदेश की दतिया जिले की भांडेर विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया के हालिया बयान ने प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। बयान सामने आने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे सामाजिक मर्यादाओं के खिलाफ बताया है।
भाजपा का आरोप: बयान से झलकती है असंवेदनशील सोच
भाजपा का कहना है कि यह टिप्पणी किसी असावधानी में कही गई बात नहीं, बल्कि महिलाओं और अनुसूचित जाति–जनजाति समाज के प्रति एक चिंताजनक मानसिकता को दर्शाती है। पार्टी के अनुसार, सार्वजनिक जीवन में इस तरह की भाषा लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।
महिलाओं के सम्मान को लेकर सख्त रुख
भाजपा नेताओं ने कहा कि महिलाओं को लेकर अपमानजनक या दोहरे अर्थ वाली भाषा किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं की जा सकती। महिला सम्मान केवल सामाजिक मुद्दा नहीं, बल्कि संवैधानिक मूल्य है, जिसे कमजोर करने वाले वक्तव्यों पर कठोर प्रतिक्रिया आवश्यक है।
एससी–एसटी समाज से जुड़े सवाल
भाजपा ने यह भी आरोप लगाया कि बयान से विशेष रूप से एससी–एसटी समाज की महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंची है। पार्टी का कहना है कि सामाजिक न्याय की बात करने वालों को पहले अपने शब्दों और आचरण पर नियंत्रण रखना चाहिए।
कांग्रेस नेतृत्व की चुप्पी पर सवाल
भाजपा ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर भी निशाना साधते हुए पूछा कि इतने संवेदनशील मामले पर वरिष्ठ नेता मौन क्यों हैं। पार्टी का कहना है कि चुप्पी भी कई बार सहमति मानी जाती है, जिससे गलत संदेश जाता है।
कार्रवाई की मांग
भाजपा ने कांग्रेस से मांग की है कि विधायक के बयान पर स्पष्ट रुख अपनाया जाए, सार्वजनिक रूप से माफी दिलाई जाए और अनुशासनात्मक कदम उठाए जाएं। पार्टी का कहना है कि नैतिक जिम्मेदारी निभाए बिना महिला सम्मान और सामाजिक न्याय की बात करना खोखला दावा है।
पूर्व विवादों की भी याद दिलाई
भाजपा ने यह भी कहा कि यह पहली बार नहीं है जब संबंधित विधायक विवादों में आए हों। इससे पहले भी उनके बयानों को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में सवाल उठते रहे हैं।
महिला कल्याण योजनाओं का उल्लेख
भाजपा नेताओं ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें महिलाओं के सशक्तिकरण और सुरक्षा के लिए लगातार योजनाएं चला रही हैं और ऐसे बयानों से उन प्रयासों को ठेस पहुंचती है।
आंदोलन का संकेत
भाजपा ने स्पष्ट किया कि यदि इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं हुई तो वह लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराएगी और महिला सम्मान से जुड़े मुद्दों को सार्वजनिक मंचों पर उठाती रहेगी।


