*नागलवाड़ी* उमरेड तहसीलअंतर्गत आने वाले शीलादेही में प्रति वर्ष अनुसार इस वर्ष भी बड़े हर्ष उल्लास के साथ बड़े देव स्थापना दिवस वर्षगांठ के रूप में मनाया गया कार्यक्रम की शुरुआत पूजा अर्चना कर प्रारंभ की गई
गोंडी गीत सांस्कृतिक कार्यक्रम गोंडी जागरण ग्रुप के द्वारा गोंडी सिंगर गोंडी गीतों से आदिवासी भाई बहनों का मन मोह लिया गोंडी गीत को सुनकर आदिवासी भाई झूम उठे बड़ादेव प्रांगण तालिया की गूंज से गूंज उठा जहाँ जो उनकी आस्था और प्रकृति से जुड़ाव का प्रतीक है, जिसमें सामूहिक पूजा-अर्चना और सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर जोर दिया गया, गोंड समाज ने अपने आराध्य देव,बड़ादेव (जो प्रकृति और पूर्वजों की आत्मा का प्रतिनिधित्व करते हैं), केस्थापना दिवस पर भव्य आयोजन
किए,जिसमें गोंडी गायन, डीजे के साथ और पूजा शामिल थी यह उत्सव गोंड समुदाय की संस्कृति, परंपरा और एकता का प्रतीक है, जहाँ बड़ादेव को सत्य, प्रकृति और कुलदेवता के रूप में पूजा जाता है. जहाँ स्थानीय गोंड समाजों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया विधि-विधान: बड़ादेव की स्थापना आमतौर पर चबूतरे (चौरा) पर की जाती है और उनकी पूजा सामूहिक रूप से होती है, जिसमें साज वृक्ष का विशेष महत्व है, क्योंकि माना जाता है कि बड़ादेव उस पर निवास करते हैं यह समारोह गोंड जनजाति की गहरी आस्था और सांस्कृतिक विरासत का जश्न मनाने का एक महत्वपूर्ण अवसर है कार्यक्रम में माया धुर्वे दीदी अखिल आदिवासी विकास परिषद महिला प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष धनु धुर्वे कामगार जिला राम प्रसाद कुमरे भाजपा मंडल अध्यक्ष अध्यक्ष राहुल सराठी (उपाध्यक्ष) अर्जुन मर्रापे मिडिया संगठन तहसील अध्यक्ष निलेश मर्सकोले ब्लॉक अध्यक्ष बड़कुही बृजकुमारी सरेयाम वार्ड नंबर 1 पार्षद चांदामेटा एवं पदाधिकारी व आसपास के सैकड़ो आदिवासी भाई बहने उपस्थित हुए।
*संवाददाता शुभम सहारे छिंदवाड़ा*


