रिपोर्टर सीमा कैथवास
नर्मदापुरम। संभाग मुख्यालय नर्मदापुरम में बड़ी संख्या में कालोनियों का निर्माण हो रहा है। स्थिति यह है कि कालोनियों में ग्राहकों को लुभाने के लिए लुभावने विज्ञापन, फ्लेक्स, होर्डिंग लगाकर मकान और प्लॉट बेचे जाते हैं। जिसमें कॉलोनी में चौड़ी सड़के,खेल सुविधा,पार्क,मंदिर, उचित पानी की निकासी, ड्रेनेज सुविधा इत्यादि सर्व सुविधायुक्त बताई जाती है।
जब वहां लोग रहने लगते हैं उसके कुछ समय बाद वस्तुस्थिति सामने नजर आती है। वही नगर में अब बहुमूल्य हो चुकी जमीनों पर अतिक्रमण एक बड़ा विषय बनता जा रहा है। यहां तक कि कॉलोनी की सड़कों पर भी बेजा अतिक्रमण हो रहा है। जिससे सकरी होती सड़क से रहवासी परेशान हो रहे हैं। ऐसा ही एक मामला पिछले दिनों कलेक्टर की जनसुनवाई में पहुंचा है। जिसमें माखन नगर रोड स्थित देवभूमि परिसर एवं वैदिक विहार कॉलोनी जाने के मुख्य मार्ग पर अतिक्रमण होकर सकरा रास्ता होने की गंभीर शिकायत हुई है। कॉलोनीवासियों ने शिकायत में अवगत कराया है कि कॉलोनी के मुख्य प्रवेश मार्ग की चौड़ाई कागजों में 27 फीट है, लेकिन मौके पर मात्र 10 से 12 फीट ही मार्ग उपलब्ध है। जिससे आए दिन जाम और आवागमन में भारी परेशानी हो रही है।कॉलोनीवासियों ने बताया कि बाबई रोड से गुप्ता ट्रैक्टर्स और गुप्ता टाइल्स के बीच से कॉलोनी में प्रवेश का मुख्य मार्ग है। कॉलोनी निर्माण के स्वीकृत नक्शे में यह मार्ग 9 मीटर (लगभग 27 फीट) दर्शाया गया है, लेकिन वर्तमान में यह मार्ग काफी संकरा हो गया है। स्थिति यह है कि एक साथ दो वाहन क्रॉस नहीं कर पाते, जिससे रोजाना कॉलोनी के भीतर जाम की स्थिति निर्मित हो जाती है। स्कूली बच्चों के वाहन भी फसते है।
कॉलोनीवासियों का कहना है कि प्लॉट बेचते समय कॉलोनाइजर द्वारा 27 फीट चौड़ा मार्ग होने की बात कही गई थी और टीएनसी कार्यालय द्वारा भी कॉलोनी अनुमति में 27 फीट सड़क का स्पष्ट निर्देश दिया गया था। इसके बावजूद आज तक मार्ग को पूरी चौड़ाई में विकसित नहीं किया गया, जो गंभीर जांच का विषय है। तीन कॉलोनियों वैदिक विहार कॉलोनी, देवभूमि परिसर एवं वैदिक विहार फेस-2 कॉलोनियों के लिए यही एकमात्र मुख्य मार्ग है। वर्तमान में इन कॉलोनियों में लगभग 400 से अधिक परिवार निवासरत हैं, लेकिन आवागमन के लिए केवल 10–12 फीट चौड़ा रास्ता ही उपलब्ध है, जिससे रहवासियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शिकायत में कॉलोनीवासियों ने यह भी बताया कि वैदिक विहार और देवभूमि परिसर से होकर एक मुख्य नाला गुजरता है, जिस पर अतिक्रमण कर उसे नाली का रूप दे दिया गया है। इससे बारिश के समय पानी की निकासी बाधित होती है। वर्तमान में कॉलोनी से सटकर डी-मार्ट शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण हो रहा है, जिसकी ऊंची और चौड़ी दीवारें नाले से लगी हुई हैं। आशंका है कि बारिश के दौरान पानी कॉलोनी में भरकर घरों में घुस सकता है और बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है। कॉलोनीवासियों का आरोप है कि टीएनसी द्वारा संबंधित प्रकरण में अनुविभागीय अधिकारी को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि 27 फीट चौड़ा मार्ग सुनिश्चित होने के बाद ही कॉलोनी की अनुमति दी जाए, इसके बावजूद मार्ग संकरा ही रह गया। इससे टीएनसी नियमों के उल्लंघन की आशंका जताई जा रही है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। उक्त गंभीर विषय पर वरिष्ठ भाजपा नेता शिवराज चंद्रोल, दीपक वर्मा, आनंद यादव, मनोज केवट, मनोज चंद्रोल, ध्रुव यादव, लोकेश चौहान, अभिषेक दुबे, घनश्याम जायसवाल, अशोक गौर, अशोक सिंह राजपूत, मुकेश गौर, विनोद यादव, महेश गौर, प्रवीण चौधरी, किशोरीलाल गौर, राकेश मीना, लखन सिंह राजपूत, शेरसिंह कीर, नीलेश गौर, प्रियांशु मलैया सहित 85 से अधिक कॉलोनीवासियों ने हस्ताक्षर कर प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है।


