कटनी प्राथमिक शालाओं को निपुण शाला बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के निर्देश पर प्रथम चरण में जिले की 153 प्राथमिक शालाओं के शिक्षकों का उन्मुखीकरण कार्यक्रम डाइट कटनी में संपन्न हुआ। इस उन्मुखीकरण के दौरान जिला पंचायत सीईओ श्रीमती हरसिमरनप्रीत कौर ने लगभग 250 शिक्षकों से संवाद किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीईओ श्रीमती कौर ने कहा कि जिले की कुछ शालाओं में शिक्षकों द्वारा उत्कृष्ट बेस्ट प्रैक्टिसेज अपनाई जा रही हैं। यदि इन नवाचारों को अन्य शालाओं के साथ साझा किया जाए, तो सभी स्कूल निपुण बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा रूपी वृक्ष की जड़ प्रारंभिक शिक्षा है, इसलिए इस स्तर पर बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान को सुदृढ़ करना अत्यंत आवश्यक है।
सीईओ श्रीमती कौर ने डीएलएड छात्रों द्वारा तैयार की गई सहायक शिक्षण सामग्री का अवलोकन किया तथा डाइट कटनी द्वारा किए जा रहे अकादमिक कार्यों पर संतोष व्यक्त किया।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी शिक्षकों ने अपने-अपने विद्यालयों को निपुण शाला बनाने की शपथ ली। इस अवसर पर डाइट कटनी के प्राचार्य श्री एम.पी. डुंगडुंग ने कहा कि डाइट कटनी शिक्षकों को अकादमिक सहयोग प्रदान करने के लिए सदैव तत्पर है। वहीं जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) श्री प्रेम नारायण तिवारी ने कहा कि अकादमिक सुधार जिला शिक्षा केंद्र की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रशिक्षण प्रभारी वरिष्ठ व्याख्याता श्री राजेंद्र असाटी ने शिक्षकों से प्रशिक्षण में प्राप्त सीख को विद्यालयों में लागू करने तथा अपनी श्रेष्ठ प्रथाओं को निरंतर साझा करने का आह्वान किया।
उन्मुखीकरण के दौरान विभिन्न दक्षताओं पर गहन चर्चा की गई। इसमें आधारभूत अवधारणाएँ, मौखिक भाषा विकास, ध्वनि जागरूकता, वर्ण-मात्रा पहचान, शब्द भंडार, धारा प्रवाह पठन, लेखन, स्वतंत्र पठन, गणितीय संवाद, अभ्यास दक्षता, कौशल विकास एवं गणितीय खेलों पर शिक्षकों द्वारा तैयार किए गए वीडियो का प्रदर्शन किया गया।
कार्यक्रम में डाइट फैकल्टी सदस्य राकेश सिन्नरकर, ज्योति श्रीवास्तव, उमाशंकर सैनी, ए.पी.सी. सोबरन राजपूत तथा जिला स्रोत समूह के सदस्य सपना मिश्रा, हितेश तिवारी, राकेश गौतम, तारा तिवारी द्वारा भाषा एवं गणित शिक्षण में आने वाली चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
सभी विकासखंडों के बीआरसी एवं बीएसी ने अपने-अपने क्षेत्रों की शालाओं का नियमित फॉलो-अप करने तथा अकादमिक गुणवत्ता सुधारने का संकल्प व्यक्त किया। कार्यक्रम की व्यवस्थाओं में राजेश गुप्ता, रामजी नायक, अलका श्रीवास्तव, मनोज दुबे, रामकुमार सत्येंद्र, संतोष विक्रम, मंजू एवं गोविंद का उल्लेखनीय सहयोग रहा।


