बडखेरा ग्राम पंचायत ने बिना शील-साइन और धुंधले बिल किए अपलोड!**
कहते हैं— दर्पण कभी झूठ नहीं बोलता, लेकिन रीठी जनपद की कई ग्राम पंचायतों ने तो दर्पण को भी धोखा देना सीख लिया है!
सरकार पारदर्शिता की बात करती है, लेकिन पंचायत कर्मचारी “पंचायत दर्पण पोर्टल” को मज़ाक बनाकर रख रहे हैं। धुंधले बिल… बिना सरपंच-सचिव के शील-साइन… बिना GST-TIN नंबर… सब कुछ पोर्टल पर अपलोड कर दिया जाता है, ताकि न आंखें पढ़ सकें, न सच्चाई सामने आए!
ऐसा ही ताज़ा मामला कटनी जिले की ग्राम पंचायत बडखेरा से सामने आया है।
👉 मामला क्या है?
5वीं वित्त आयोग से
सोनी के घर से बसंत के घर तक
1,95,000 रुपए की लागत से
26 जनवरी 2025 को सीसी रोड निर्माण स्वीकृत हुआ।
लेकिन कार्रवाई कैसी हुई?
• अपलोड हुए बिल— बिना सरपंच-सचिव की शील एवं साइन
• बिल— धुंधले, पढ़े ही नहीं जा सकने लायक
• GST-TIN नंबर तक नहीं!
👉 ग्रामीणों का आरोप:
सड़क की गुणवत्ता बेहद खराब।
जहां पानी बाहर की ओर बहना चाहिए— वहां अब लोगों के घरों में घुस रहा है!
ग्रामीणों का दावा है कि निर्माण में खुलेआम लीपापोती की गई और शासन की राशि का दुरुपयोग साफ दिखाई देता है।
👉 अब बड़ा सवाल — जिम्मेदार कौन?
• दफ्तर की दीवारों के पीछे बैठकर फाइलें सरकाने वाले कर्मचारी?
• या पोर्टल पर जानबूझकर धुंधले दस्तावेज अपलोड कर देने वाले लोग?
साफ तस्वीरें न हों, बिल पढ़े न जा सकें — ताकि किसी को कुछ पता ही न चले!
भ्रष्टाचार का ये नया तरीका— ऑनलाइन घोटाले अपलोड करो और पारदर्शिता का ढिंढोरा पीटो।
जनता पूछ रही है…
लेकिन जवाब देने वाला कोई नहीं।
डिजिटल इंडिया है… पर जिम्मेदारी डिजिटल हुई ही नहीं!
जनता बस देख रही है— एक धुंधला सा सच।
— हरिशंकर बेन


