छिन्दवाड़ा/15 अक्टूबर 2025/ मध्यप्रदेश शासन के दिशा-निर्देशानुसार एवं कलेक्टर श्री हरेंद्र नारायन के मार्गदर्शन में राज्य आनंद संस्थान (आनंद विभाग) एवं मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के सहयोग से शासकीय कर्मचारियों में आनंद की अनुभूति कराने तथा उनके दैनिक जीवन कार्यों में सकारात्मकता बढ़ाने की दृष्टि से अल्पविराम परिचय कार्यशाला का आयोजन आज छिन्दवाड़ा जिले के मोहखेड़ जनपद सभाकक्ष में एक दिवसीय खंड-स्तरीय अल्पविराम परिचय कार्यक्रम कार्यशाला आयोजित की गई।
कार्यशाला का शुभारंभ जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री दिनेश कुमार कर्पे द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। उन्होंने राज्य शासन के विभिन्न विभागों के अधिकारियों/ कर्मचारियों को कार्यशाला में अपनी सहभागिता तथा अपने जीवन में अनुसरण करने के लिये संबोधित किया । अल्पविराम परिचय कार्यक्रम के संबंध में जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक श्री अखिलेश जैन अपने संबोधन में बताया कि हमारे जीवन में यह आवश्यक है कि हम सभी स्वयं के भीतर झांके एवं देखें कि हमारी क्षमता एवं नजरिया क्या है, क्या इसे हम अपनी नकारात्मकता, अवसाद, चिंता इत्यादि को हटा पा रहे है एवं तनाव मुक्त आनंद पूर्ण जीवन के लिए आगे बढ़ पा रहे हैं, यदि हम मानसिक तनाव में होते हैं, तो हम अपना शत-प्रतिशत नहीं दे पाते हैं, हमें शारीरिक क्षमता के साथ-साथ मानसिक क्षमता में सकारात्मकता से कार्य करने की आवश्यकता है, जो इस कार्यशाला से हम स्वयं में देख सकते हैं, सभी अधिकारी एवं कर्मचारीगण अपने उत्तरदायित्व को सकारात्मक भाव अपनाएँ। कार्यक्रम की रुपरेखा एवं अवधारणा पर विस्तृत जानकारी ब्लॉक समन्वयक श्री भवानीप्रसाद कुमरे द्वारा दी गई। जीवन में आनंद क्यों आवश्यक है, क्या आनंद और खुशी समान है, या भिन्न है परिचर्चा प्रतिभागीयों ने जाना कि आनंद स्थाई भाव है, जो हमारे जीवन का आधार है ।
मास्टर ट्रेनर डॉ.साक्षी सहारे ने अपने जीवन में आनंद के भाव को कैसे स्थायी किया जाये, जीवन की लाइफ बैलेंस शीट सत्र के माध्यम से अपने जीवन के अनुभव बताए। उन्होंने बताया कि जीवन की बैलेंस शीट मुनाफे में तभी जायेगी जब हम नुकसान के खातें यानि दुःख, शिकायतें और नकारात्मक विचार को समझकर अपने जीवन में कम कर पाएंगे, तभी अपने जीवन की लाईफ बैलेंस शीट को प्रॉफिट में कर पायेंगे। अगले सत्र में स्वयं से स्वयं की मुलाकात संपर्क- सुधार एवं दिशा सत्र पर डॉ. साक्षी सहारे ने प्रतिभागी के साथ अपने अनुभव साझा किये कि यदि जीवन में स्वयं से संपर्क हो तो सुधार की गुंजाइश होती है, जो हमें हमेशा सुमार्ग प्रदान करती हे और इसी क्रम में मुक्ति पात्र के माध्यम से श्री कैलाश सोनेवार द्वारा अपने जीवन के अनुभवों के माध्यम से अपने जीवन की विसंगतियों को प्रतिभागियों को साझा करते हुए बताया कि कैसे अल्पविराम से स्वयं में सुधार करके सुमार्ग की ओर अग्रसर हुए है।
कार्यक्रम में सभी विभागों के प्रतिभागियों ने अपने अनुभव एवं फीडबैक प्रदान किये। समापन सत्र के दौरान प्रभारी बीईओ श्री व्ही.आर. खापरे ने अपने कार्य को शत-प्रतिशत आनंद के साथ करें तो कोई परेशानी नहीं होगी। सहायक संचालक शिक्षा सुश्री दिव्या यादव ने अपने विचार व्यक्त करते हुए बताया कि तनाव मुक्त जीवन की कला ही आनंद है, आनंद ही हमारे जीवन का आधार है। कार्यक्रम के अंत में जन अभियान परिषद के विकासखण्ड समन्वयक श्री भवानीप्रसाद कुमरे ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया। आनंदम सहयोगी श्री संतोष कवरेती, श्री दिनेश नारेकर ने सक्रिय भूमिका एवं सहयोग किया। अल्पविराम कार्यशाला में विकासखंड के महिला एवं बाल विकास विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, कृषि विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग, वन विभाग, राजस्व विभाग, पशु चिकित्सा विभाग, स्वास्थ्य विभाग सहित विभागीय अधिकारी/कर्मचारियों ने सहभागिता की।
*संवाददाता शुभम सहारे छिंदवाड़ा*


