कालापीपल(बब्लू जायसवाल)सरकारी कार्यालय,जो निष्पक्षता और जनता की सेवा का प्रतीक माने जाते हैं, अब निजी कंपनियों के विज्ञापनों का माध्यम बनते जा रहे हैं,कालापीपल के पुलिस थाने के गेट पर निजी कंपनी के विज्ञापन लगे हुए,ऐसा लगता है थाना इन्हीं कंपनियों के रहमो करम पर चल रहा है,जिले सरकारी कार्यालय जैसे पुलिस थाने,अनुविभागीय अधिकारी कार्यालयों और अन्य राजस्व विभागों में इस तरह के प्रचार आसानी से देखे जा सकते हैं,जिले के सरकारी भवनों पर निजी कंपनियों के विज्ञापन वाले बड़े-बड़े साइनबोर्ड,सरकार की गरिमा पर सवाल खड़े कर रहे हैं,तहसील,एसडीएम,थाना व एसडीओपी कार्यालय निजी
कंपनीयों ने प्रचार करने का नया जरिया खोजा,बैंक ने बैंकिंग गतिविधियों का प्रचार करने को सरकारी भवनो के साइन बोर्ड बनाकर कार्यालयों में लगा दिए,विभागीय अधिकारियों ने भी इस पर कोई रोक नहीं लगाई,लेकिन विभागीय अधिकारियों का मामले में कोई संज्ञान नहीं लेना प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है,लोगों को लग रहा है कि विभाग और बैंक के बीच किसी तरह का समझौता होगा,हालांकि जब इस संबंध में अधिकारियों से चर्चा की तो वह कुछ कह नहीं सके,
प्रशासन की चुप्पी और मांगः-
इस मुद्दे पर जिला प्रशासन की चुप्पी और उदासीनता चिंताजनक है और तुरंत कार्यवाही की आवश्यकता है,जिला प्रशासन को इस तरह के विज्ञापनों की अनुमति देने वाली नीति की निष्पक्ष जांच करनी चाहिए और संबंधित अधिकारियों से सवाल करना चाहिए,प्रशासन को चाहिए कि वह एक आदेश जारी कर सभी सरकारी भवनों से इन निजी कंपनी के विज्ञापनों को हटाने का निर्देश दें,जिसमें सरकारी भवनों पर किसी भी तरह के निजी प्रचार को पूरी तरह से प्रतिबंधित किया जाए,
साइन बोर्ड के माध्यम से एक निजी वित्त कंपनी ने अपनी गोल्ड लोन और बिजनेस लोन योजनाओं का प्रचार करते हुए एक नया साइनबोर्ड लगवा दिया,जिससे कि लोग इसे देखकर बैंक की ओर आकर्षित हो सके…!


