देखे VIDEO ऐसे जीती भाजपा MP के चुनाव!
– 05 जनवरी – 02 अगस्त (7 महीने) के दौरान मतदाताओं में लगभग 4.64 लाख की वृद्धि दर्ज हुई।
– 02 अगस्त – 04 अक्टूबर (2 महीने) में 16.05 लाख मतदाताओं की वृद्धि
– यानी प्रतिदिन 26,000 मतदाता जोड़े जा रहे थे
– चुनावी साल 2023 में मध्य प्रदेश में 34+ लाख नाम जोड़े गए। आख़िर के दो माह में हर रोज़ 26 हज़ार वोट जोड़े गए, टोटल 16 लाख वोट जोड़े गए।
– 2018 के चुनाव में भाजपा को कांग्रेस से 1% से ज्यादा वोट मिले थे। लेकिन 2023 में यह बढ़ कर 8-9% हो गया। उन्होंने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश में लगभग 8-9% वोट की चोरी हुई।
– 35 ऐसी सीट जहां जीत का फ़ासला कम है वहाँ उससे ज्यादा वोट जोड़े गए।
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नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने चुनाव आयोग की मिलीभगत से मध्य प्रदेश में सरकार बनाई है। सिंघार ने कहा कि बीजेपी ने फर्जी जनादेश के आधार पर सत्ता हासिल की, जिसमें चुनाव आयोग ने उनकी मदद की।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मंगलवार काे अपने निवास पर एक पत्रकार वार्ता काे संबाेधित करते हुए चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उमंग सिंघार ने मतदाता सूची में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान महज दो महीनों में 16 लाख मतदाता बढ़ गए, लेकिन इसकी जानकारी राजनीतिक दलों को नहीं दी गई। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि 9 जून 2023 को भारत निर्वाचन आयोग ने छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, मिज़ोरम, राजस्थान और तेलंगाना के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को निर्देश दिया कि 1 जनवरी 2023 – 30 जून 2023 के बीच हुए जोड़-घटाव और संशोधनों को वेबसाइट पर प्रकाशित न किया जाए और न ही किसी के साथ साझा किया जाए। प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा गया कि यह निर्देश उसी दिन पूरे देश के सभी राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों पर लागू कर दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि चुनाव आयोग ने बीते तीन चुनावों का डेटा क्यों नहीं रखा, जबकि नियमों में इसका प्रावधान है। सिंघार ने सेवड़ा, ग्वालियर दक्षिण, करेरा, छतरपुर, मुंगावली, और चित्रकूट समेत कई विधानसभा सीटों पर वोटर संख्या में असामान्य वृद्धि का दावा किया। उन्होंने कहा कि औसतन हर सीट पर 10 हजार वोट बढ़ाए गए। इसके अलावा, चुनाव आयोग पर सीसीटीवी फुटेज और मतदाता सूची की पूरी जानकारी सार्वजनिक न करने का भी आरोप लगाया।


