सिवनी केंद्र सरकार के इशारे पर जिस तरह निर्वाचन आयोग मतदाता सूची में गड़बड़ी कर देश के लोकतंत्र को तार-तार कर रहा है यह बहुत ही निंदनीय कृत्य है, एक तो चोरी, उपर से सीना जोरी वाला काम किया जा रहा है। निर्वाचन ex आयोग द्वारा अपने जवाब में यह कहा है कि लिस्ट से हटाए गए नामों की सूची बनाने या वजह बताने की बाध्यता नहीं है, यह कोई गोपनीय दस्तावेज नही है, धारा 4(2) सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह धारा सार्वजनिक प्राधिकरणों को अपनी जानकारी को सक्रिय रूप से प्रकाशित करने और जनता को उपलब्ध कराने के लिए बाध्य करती है और चुनाव आयोग सार्वजनिक प्राधिकरण है फिर कौन से डर के कारण आयोग जानकारी छिपा रहा है।
केन्द्र सरकार और निर्वाचन आयोग की वोट चोरी के विरोध में नेता विपक्ष आदरणीय राहुल गांधी जी सहित मल्लिकार्जुन खड़गे, श्रीमती प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव, सहित विपक्षी सांसदो को शांतिपूर्ण पैदल मार्च निकालने पर पुलिस द्वारा बलपूर्वक रोका गया, उन्हें गिरफ्तार कर थाने ले जाया गया, जिसके विरोध में मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी जी के निर्देशानुसार, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजकुमार खुराना के नेतृत्व में नगरपालिका के सामने केन्द्र सरकार एवं निर्वाचन आयोग का पुतला दहन किया गया, पुतला दहन करते समय वोट चोरो-गद्दी छोड़ो के नारे लगाए गए।
पुतला दहन कार्यक्रम में एड़ पंकज शर्मा, जेपीएस तिवारी, पवन दिवाकर, दीवान आजम अली, मोहन सिंह चंदेल, विष्णु करोसिया, भुवनेश्वर शुक्ला, श्रीमती गीतारणधीर सिंह ठाकुर, श्रीमती तृप्ति नामदेव, श्रीमती सुयोगिता सक्सेना, श्रीमती ललिता बघेल, एड़ शाहिद रज्ा, एड़ पंकज बाउसकर, राजकुमार ठाकुर, विनोद नामदेव, राजिक अकील, राजेश मानाठाकुर, विजय उइके, सुमित मिश्रा, एड़ श्याम डहेरिया, भीष्मप्रताप सिंह अप्पू ठाकुर, धु्रवनारायण चैधरी, विनोद यादव, सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे


