कटनी – कलेक्टर श्री दिलीप कुमार यादव ने गुरूवार को जनपद पंचायत विजयराघवगढ़ के ग्राम पंचायत गैरतलाई में आयोजित लोक सुनवाई सह जनसंवाद कार्यक्रम में 83 ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं एवं अधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।
इस मौके पर जिला पंचायत सीईओ श्री शिशिर गेमावत और एसडीएम विजयराघवगढ़ श्री महेश मंडलोई सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी मौजूद हैं।
*बंद पुल चालू करायें*
लोक सुनवाई के दौरान गैरतलाई निवासी लक्ष्मण प्रसाद प्रजापति ने कलेक्टर श्री यादव को बताया कि मेन रोड पी डब्ल्यू पुल बंद करने से हमारी फसल नष्ट हो गई है। यह पुल पुन: चालू कराई जाय। इस पर कलेक्टर श्री यादव ने समय-सीमा में एसडीएम को मौका परीक्षण करते हुये आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
*अवैध कब्जा हटायें*
लोक सुनवाई के दौरान ग्राम उबरा निवासी शिव प्रसाद पिता तनकू ने आवेदन देते हुये कहा कि मुझे वर्ष 2003 में राजस्व विभाग द्वारा रा.नि.मं सिनगौंड़ी तहसील विजयराघवगढ़ स्थित भूमि खसरा नंबर 326/1 रकबा 0.36 हेक्टेयर भूमि भू-दान में मिली थी। जो कि वर्तमान में राजस्व रिकॉर्ड में मेरे नाम पर दर्ज है। परंतु उक्त भूमि के अंशभाग पर दद्दू, राकेश, ज्ञानी एवं आशाबाई के द्वारा कब्जा कर लिया गया है। इस पर कलेक्टर श्री यादव ने तहसीलदार को सीमांकन करवाकर नियमानुसार कब्जा हटवाने के निर्देश दिए।
*आवागमन हेतु मार्ग की करें व्यवस्था*
लोक सुनवाई के दौरान ग्राम जारारोड़ वार्ड 6 निवासी गुलाब सिंह रघुवंशी एवं अन्य ने आवेदन देते हुये आवागम हेतु रास्ता बनाये जाने की मांग करते हुये बताया कि इस वॉर्ड में 10 परिवारों के मकान हेतु आवागमन के लिए रास्ता नहीं है। जिससे आने-जाने में अत्यंत समस्याओं का सामना करना पड़ता है। पूर्व में आवागमन हेतु शासकीय भूमि का उपयोग होता था जो कि अब शासन द्वारा किसानों को आवंटित कर दी गई है। आवंटित भूमि पर किसानों ने तार एवं बाड़ी लगाकर रास्ता अवरूद्ध कर दिया है। इस पर कलेक्टर श्री यादव ने इस पर एसडीएम को समय-सीमा के भीतर नियमानुसार कार्यवाही करने के निर्देश दिये।
*खेत में भंडारित रेत को हटवायें*
ग्राम छिंदहाई पिपरिया निवासी सत्येन्द्र गौतम एवं दीपक गौतम ने आवेदन देते हुये बताया कि राजस्व ग्राम नदावन स्थित भूमि खसरा नंबर 55 रकबा 3.25 हेक्टेयर को विष्टा कंपनी को रेत भंडारण हेतु तीन वर्ष हेतु रजिस्टर्ड एग्रीमेंट के द्वारा दिया गया था। 3 वर्ष की अवधि पूर्ण हो जाने पर एग्रीमेंट की अवधि पुन:1 वर्ष बढ़ा दी गई थी। परंतु, दूसरी अवधि समाप्त हो जाने के बाद भी कंपनी द्वारा रेत का जबर्दस्ती भंडारण किया गया है एवं किराया भी नहीं दिया जा रहा है। इस पर कलेक्टर श्री यादव ने जिला माइनिंग अधिकारी को निश्चित समयावधि में आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।


